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पर एक दिन की बात, बच्चों ने कुछ ज्‍यादा ही चिढ़ा दिया, तो ताई अपना गुस्सा काबू नहीं कर पाईं। लाठी लेकर पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं। ‘बच्चे दूर से यह देख रहे थे।’ इस वाक्‍य से होने वाला बोध - Hindi [हिंदी]

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Question

पर एक दिन की बात, बच्चों ने कुछ ज्‍यादा ही चिढ़ा दिया, तो ताई अपना गुस्सा काबू नहीं कर पाईं। लाठी लेकर पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं। पर अभी कुछ ही आगे गई थीं कि एक गड्ढ़े में उनका पैर पड़ा लाठी दूर जा गिरी और ताई बुरी तरह लड़खड़ाकर जमीन पर आ गिरीं। सिर से खून निकलने लगा। एक पैर भी बुरी तरह मुड़ गया था और ताई हाय-हाय कर रही थीं। उन्होंने खुद उठने की दो-एक बार कोशिश की, पर लाचार थीं। बच्चे दूर से यह देख रहे थे। पर पास आने की उनकी हिम्‍मत नहीं हुई। आखिर गोलू और भीमा ने किसी तरह आगे आकर उन्हें सहारा दिया और उन्हें घर के अंदर ले गए।

उत्तर लिखिए:

‘बच्चे दूर से यह देख रहे थे।’ इस वाक्‍य से होने वाला बोध

Answer in Brief

Solution

एक दिन बच्चों ने ताई को कुछ ज्यादा ही चिढ़ा दिया था। ताई का पैर एक गड़ढ़े में पड़ा। वे लड़खड़ा कर गिर पड़ीं। उनके सिर में चोट लग गई। उस समय बच्चे ताई को दूर से ही देख रहे थे। इस वाक्य से यह बोध होता है कि बच्चे अपराध बोध तथा डर के कारण ताई के पास नहीं आ रहे थे।

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सींकवाली
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Chapter 1.02: सींकवाली - स्वाध्याय [Page 6]

APPEARS IN

Balbharati Hindi - Kumarbharati 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 1.02 सींकवाली
स्वाध्याय | Q (२) | Page 6

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