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Question
किसी दिव्यांग व्यक्ति का साक्षात्कार लेने हेतु प्रश्न निर्मिति कीजिए।
Answer in Brief
Solution
किसी विकलांग व्यक्ति से बातचीत करते समय, बातचीत को सम्मान और संवेदनशीलता के साथ करना महत्वपूर्ण है।
- क्या आप मुझे अपनी रुचियों और शौक के बारे में बता सकते हैं?
- आपको अपने दैनिक जीवन में किस प्रकार का समर्थन या आवास सबसे अधिक उपयोगी लगता है?
- क्या कोई विशिष्ट तरीका है जिससे मैं हमारी बातचीत में आपकी सहायता कर सकूं?
- क्या आप कोई ऐसा अनुभव साझा करना चाहेंगे जो आपके लिए विशेष रूप से सार्थक या सशक्त रहा हो?
- क्या आपकी विकलांगता के बारे में कोई ग़लतफ़हमी है जिसे आप स्पष्ट करना चाहेंगे?
- क्या आप ऐसे किसी संसाधन या संगठन की अनुशंसा कर सकते हैं जो समावेशिता और पहुंच को बढ़ावा देता हो?
- आप दूसरों से कैसे संवाद करना और जुड़ना पसंद करते हैं?
- क्या ऐसा कुछ है जो आप चाहते हैं कि लोग आपकी विकलांगता के बारे में बेहतर ढंग से समझें?
- क्या आप उन चुनौतियों या उपलब्धियों पर कोई अंतर्दृष्टि साझा करना चाहेंगे जिन पर आपको गर्व है?
- क्या विकलांगता जागरूकता से संबंधित कोई पहल या कारण हैं जिनके बारे में आप भावुक हैं?
shaalaa.com
सींकवाली
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‘अंगदान का महत्त्व’ इस विषय पर आयोजित चर्चा में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
पर एक दिन की बात, बच्चों ने कुछ ज्यादा ही चिढ़ा दिया, तो ताई अपना गुस्सा काबू नहीं कर पाईं। लाठी लेकर पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं। पर अभी कुछ ही आगे गई थीं कि एक गड्ढ़े में उनका पैर पड़ा लाठी दूर जा गिरी और ताई बुरी तरह लड़खड़ाकर जमीन पर आ गिरीं। सिर से खून निकलने लगा। एक पैर भी बुरी तरह मुड़ गया था और ताई हाय-हाय कर रही थीं। उन्होंने खुद उठने की दो-एक बार कोशिश की, पर लाचार थीं। बच्चे दूर से यह देख रहे थे। पर पास आने की उनकी हिम्मत नहीं हुई। आखिर गोलू और भीमा ने किसी तरह आगे आकर उन्हें सहारा दिया और उन्हें घर के अंदर ले गए। |
संजाल पूर्ण कीजिएः
पर एक दिन की बात, बच्चों ने कुछ ज्यादा ही चिढ़ा दिया, तो ताई अपना गुस्सा काबू नहीं कर पाईं। लाठी लेकर पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं। पर अभी कुछ ही आगे गई थीं कि एक गड्ढ़े में उनका पैर पड़ा लाठी दूर जा गिरी और ताई बुरी तरह लड़खड़ाकर जमीन पर आ गिरीं। सिर से खून निकलने लगा। एक पैर भी बुरी तरह मुड़ गया था और ताई हाय-हाय कर रही थीं। उन्होंने खुद उठने की दो-एक बार कोशिश की, पर लाचार थीं। बच्चे दूर से यह देख रहे थे। पर पास आने की उनकी हिम्मत नहीं हुई। आखिर गोलू और भीमा ने किसी तरह आगे आकर उन्हें सहारा दिया और उन्हें घर के अंदर ले गए। |
उत्तर लिखिए:
‘बच्चे दूर से यह देख रहे थे।’ इस वाक्य से होने वाला बोध
पर एक दिन की बात, बच्चों ने कुछ ज्यादा ही चिढ़ा दिया, तो ताई अपना गुस्सा काबू नहीं कर पाईं। लाठी लेकर पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं। पर अभी कुछ ही आगे गई थीं कि एक गड्ढ़े में उनका पैर पड़ा लाठी दूर जा गिरी और ताई बुरी तरह लड़खड़ाकर जमीन पर आ गिरीं। सिर से खून निकलने लगा। एक पैर भी बुरी तरह मुड़ गया था और ताई हाय-हाय कर रही थीं। उन्होंने खुद उठने की दो-एक बार कोशिश की, पर लाचार थीं। बच्चे दूर से यह देख रहे थे। पर पास आने की उनकी हिम्मत नहीं हुई। आखिर गोलू और भीमा ने किसी तरह आगे आकर उन्हें सहारा दिया और उन्हें घर के अंदर ले गए। |
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पर एक दिन की बात, बच्चों ने कुछ ज्यादा ही चिढ़ा दिया, तो ताई अपना गुस्सा काबू नहीं कर पाईं। लाठी लेकर पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं। पर अभी कुछ ही आगे गई थीं कि एक गड्ढ़े में उनका पैर पड़ा लाठी दूर जा गिरी और ताई बुरी तरह लड़खड़ाकर जमीन पर आ गिरीं। सिर से खून निकलने लगा। एक पैर भी बुरी तरह मुड़ गया था और ताई हाय-हाय कर रही थीं। उन्होंने खुद उठने की दो-एक बार कोशिश की, पर लाचार थीं। बच्चे दूर से यह देख रहे थे। पर पास आने की उनकी हिम्मत नहीं हुई। आखिर गोलू और भीमा ने किसी तरह आगे आकर उन्हें सहारा दिया और उन्हें घर के अंदर ले गए। |
परिच्छेद में आए शब्द युग्म: