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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) ९ वीं कक्षा

किसी दिव्यांग व्यक्ति का साक्षात्कार लेने हेतु प्रश्न निर्मिति कीजिए। - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

किसी दिव्यांग व्यक्ति का साक्षात्कार लेने हेतु प्रश्न निर्मिति कीजिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

किसी विकलांग व्यक्ति से बातचीत करते समय, बातचीत को सम्मान और संवेदनशीलता के साथ करना महत्वपूर्ण है।

  1. क्या आप मुझे अपनी रुचियों और शौक के बारे में बता सकते हैं?
  2. आपको अपने दैनिक जीवन में किस प्रकार का समर्थन या आवास सबसे अधिक उपयोगी लगता है?
  3. क्या कोई विशिष्ट तरीका है जिससे मैं हमारी बातचीत में आपकी सहायता कर सकूं?
  4. क्या आप कोई ऐसा अनुभव साझा करना चाहेंगे जो आपके लिए विशेष रूप से सार्थक या सशक्त रहा हो?
  5. क्या आपकी विकलांगता के बारे में कोई ग़लतफ़हमी है जिसे आप स्पष्ट करना चाहेंगे?
  6. क्या आप ऐसे किसी संसाधन या संगठन की अनुशंसा कर सकते हैं जो समावेशिता और पहुंच को बढ़ावा देता हो?
  7. आप दूसरों से कैसे संवाद करना और जुड़ना पसंद करते हैं?
  8. क्या ऐसा कुछ है जो आप चाहते हैं कि लोग आपकी विकलांगता के बारे में बेहतर ढंग से समझें? 
  9. क्या आप उन चुनौतियों या उपलब्धियों पर कोई अंतर्दृष्टि साझा करना चाहेंगे जिन पर आपको गर्व है?
  10. क्या विकलांगता जागरूकता से संबंधित कोई पहल या कारण हैं जिनके बारे में आप भावुक हैं?
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सींकवाली
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.02: सींकवाली - स्वाध्याय [पृष्ठ ५]

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बालभारती Hindi - Kumarbharati 9 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 1.02 सींकवाली
स्वाध्याय | Q ३ | पृष्ठ ५

संबंधित प्रश्न

‘नदी और समुद्र’ के बीच होने वाला संवाद अपने शब्‍दों में लिखिए।


पर एक दिन की बात, बच्चों ने कुछ ज्‍यादा ही चिढ़ा दिया, तो ताई अपना गुस्सा काबू नहीं कर पाईं। लाठी लेकर पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं। पर अभी कुछ ही आगे गई थीं कि एक गड्ढ़े में उनका पैर पड़ा लाठी दूर जा गिरी और ताई बुरी तरह लड़खड़ाकर जमीन पर आ गिरीं। सिर से खून निकलने लगा। एक पैर भी बुरी तरह मुड़ गया था और ताई हाय-हाय कर रही थीं। उन्होंने खुद उठने की दो-एक बार कोशिश की, पर लाचार थीं। बच्चे दूर से यह देख रहे थे। पर पास आने की उनकी हिम्‍मत नहीं हुई। आखिर गोलू और भीमा ने किसी तरह आगे आकर उन्हें सहारा दिया और उन्हें घर के अंदर ले गए।

संजाल पूर्ण कीजिएः


पर एक दिन की बात, बच्चों ने कुछ ज्‍यादा ही चिढ़ा दिया, तो ताई अपना गुस्सा काबू नहीं कर पाईं। लाठी लेकर पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं। पर अभी कुछ ही आगे गई थीं कि एक गड्ढ़े में उनका पैर पड़ा लाठी दूर जा गिरी और ताई बुरी तरह लड़खड़ाकर जमीन पर आ गिरीं। सिर से खून निकलने लगा। एक पैर भी बुरी तरह मुड़ गया था और ताई हाय-हाय कर रही थीं। उन्होंने खुद उठने की दो-एक बार कोशिश की, पर लाचार थीं। बच्चे दूर से यह देख रहे थे। पर पास आने की उनकी हिम्‍मत नहीं हुई। आखिर गोलू और भीमा ने किसी तरह आगे आकर उन्हें सहारा दिया और उन्हें घर के अंदर ले गए।

उत्तर लिखिए:

‘बच्चे दूर से यह देख रहे थे।’ इस वाक्‍य से होने वाला बोध


पर एक दिन की बात, बच्चों ने कुछ ज्‍यादा ही चिढ़ा दिया, तो ताई अपना गुस्सा काबू नहीं कर पाईं। लाठी लेकर पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं। पर अभी कुछ ही आगे गई थीं कि एक गड्ढ़े में उनका पैर पड़ा लाठी दूर जा गिरी और ताई बुरी तरह लड़खड़ाकर जमीन पर आ गिरीं। सिर से खून निकलने लगा। एक पैर भी बुरी तरह मुड़ गया था और ताई हाय-हाय कर रही थीं। उन्होंने खुद उठने की दो-एक बार कोशिश की, पर लाचार थीं। बच्चे दूर से यह देख रहे थे। पर पास आने की उनकी हिम्‍मत नहीं हुई। आखिर गोलू और भीमा ने किसी तरह आगे आकर उन्हें सहारा दिया और उन्हें घर के अंदर ले गए।

‘गुस्‍से पर काबू रखना’ इसपर अपने विचार लिखिए।


संजाल पूर्ण कीजिए:


'सींकवाली' कहानी में प्रयुक्त पात्रों के नामों की सूची बनाइए।


ताई का वात्सल्य प्रकट करने वाले वाक्य ढॅूंढ़कर लिखिए।


बच्चों से प्रेम करने वाले महापुरुषों के जीवन के कोई प्रसंग बताइए।


‘प्यार लुटाने से ही प्यार मिलता है’ इसपर अपने विचार लिखिए।


पर एक दिन की बात, बच्चों ने कुछ ज्‍यादा ही चिढ़ा दिया, तो ताई अपना गुस्सा काबू नहीं कर पाईं। लाठी लेकर पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं। पर अभी कुछ ही आगे गई थीं कि एक गड्ढ़े में उनका पैर पड़ा लाठी दूर जा गिरी और ताई बुरी तरह लड़खड़ाकर जमीन पर आ गिरीं। सिर से खून निकलने लगा। एक पैर भी बुरी तरह मुड़ गया था और ताई हाय-हाय कर रही थीं। उन्होंने खुद उठने की दो-एक बार कोशिश की, पर लाचार थीं। बच्चे दूर से यह देख रहे थे। पर पास आने की उनकी हिम्‍मत नहीं हुई। आखिर गोलू और भीमा ने किसी तरह आगे आकर उन्हें सहारा दिया और उन्हें घर के अंदर ले गए।

परिच्छेद में आए शब्‍द युग्‍म:


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