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रचना और कार्य बताइए, उचित आकृति बनाकर भागों को नामांकित कीजिए। विद्‌युत चलित्र - Science and Technology 1 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी १]

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Question

रचना और कार्य बताइए, उचित आकृति बनाकर भागों को नामांकित कीजिए।

विद्‌युत चलित्र

Answer in Brief

Solution

विद्युत चलित्र (मोटर) की रचना :

नीचे दी गई आकृति में विद्युत चलित्र (मोटर) की रचना दिखाई गई है। 

विद्युत चलित्र (मोटर) : सिद्धांत तथा कार्य

इसमें विद्युत अवरोधक वाले ताँबे के तार की एक आयताकार कुंडली होती है। यह कुंडली शक्तिशाली चुंबक के दोनों (N तथा S) ध्रुवों के बीच ABCD इस प्रकार रखी जाती है कि, उसकी AB तथा CD भुजाएँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के लंबवत होती है। कुंडली के दो सिरे विभक्त वलय के दो अर्ध भागों X तथा Y से संयोजित होते हैं। इन अर्ध भागों की भीतरी सतह विद्युतरोधी होती है तथा ये अर्ध भाग विद्युत मोटर की धूरी से जुड़े होते है। X तथा Y अर्ध वलयों के बाहरी विद्युत वाहक पृष्ठभाग दो स्थिर कार्बन ब्रश E तथा F से स्पर्श करते हैं।

विद्युत मोटर (चलित्र) का कर्मकरण (Working) :

  1. जब प्लगकुंजी अथवा स्विच के उपयोग द्वारा परिपथ पूर्ण किया जाता है, तब विद्युतधारा E→A→B→C→D→F की दिशा में प्रवाहित होती है। चुंबकीय क्षेत्र (N→ S) द्वारा दोनों भुजाओं AB तथा CD पर बल आरोपित होता है। फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम के अनुसार, भुजा AB पर यह बल नीचे की दिशा में तथा भुजा CD पर यह बल ऊपर की दिशा में होता है। भुजा AB पर आरोपित बल AB को नीचे की दिशा में ढकेलता है, तो भुजा CD पर आरोपित बल ऊपर की दिशा में ढकेलता है। इन बलों के परिमाण समान होते हैं। कुंडली ऊर्ध्वाधर स्थिति में आने तक, परिमाण में समान तथा विपरीत दिशावाले इन बलों की जोड़ी (युग्म), AD की ओर से देखने पर, कुंडली ABCD को घड़ी की सूइयों की गति की विपरीत दिशा (दक्षिणावर्त) में घूमाती है।
  2. आधा घूर्णन होते ही विभक्त वलय के अर्ध भाग X तथा Y क्रमश: F तथा E कार्बन ब्रश के संपर्क में आने के कारण कुंडली में विद्युतधारा EDCBAF दिशा में प्रवाहित होने लगती है। इस कारण AB पर बल ऊपर की दिशा में, तो CD पर बल नीचे की दिशा में क्रिया करता है। परिणामस्वरूप कुंडली तथा धूरी पहले की ही दिशा में घूर्णन करते रहते है।
  3. प्रत्येक अर्ध घूर्णन के पश्चात कुंडली तथा धूरी एक ही अर्थात घड़ी के काँटों (सूईयों) की विपरीत दिशा में घूर्णन करते रहते हैं। प्लगकुंजी अथवा स्विच का उपयोग करके विद्युतधारा खंडित करने पर कुछ समय बाद कुंडली का घूर्णन (घूमना) बंद हो जाता है। 
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विद्युत चलित्र (Electric Motor)
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Chapter 4: विद्‌युत धारा का परिणाम - स्वाध्याय [Page 60]

APPEARS IN

Balbharati Science and Technology 1 [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board
Chapter 4 विद्‌युत धारा का परिणाम
स्वाध्याय | Q 2. अ. | Page 60
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