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Chapters
2: तत्त्वों का आवर्ती वर्गीकरण
3: रासायनिक अभिक्रिया और समीकरण
▶ 4: विद्युत धारा का परिणाम
5: ऊष्मा
6: प्रकाश का अपवर्तन
7: लेंस और उनके उपयोग
8: धातु विज्ञान
Chapter 9: कार्बनिक यौगिक
Chapter 10: अंतरिक्ष अभियान
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Solutions for Chapter 4: विद्युत धारा का परिणाम
Below listed, you can find solutions for Chapter 4 of Maharashtra State Board Balbharati for Science and Technology 1 [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board.
Balbharati solutions for Science and Technology 1 [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board 4 विद्युत धारा का परिणाम स्वाध्याय [Pages 60 - 61]
समूह में से असंगत शब्द छाँटिए और उसका स्पष्टीकरण लिखिए।
संगलक तार
अवरोधक पदार्थ
रबर के मोजे
जनित्र
समूह में से असंगत शब्द छाँटिए और उसका स्पष्टीकरण लिखिए।
वोल्टमीटर
अमीटर
गैल्वनोमीटर
थर्मामीटर
समूह में से असंगत शब्द छाँटिए और उसका स्पष्टीकरण लिखिए।
ध्वनिवर्धक
सूक्ष्मश्रवणी
विद्युत चलित्र
चुंबक
रचना और कार्य बताइए, उचित आकृति बनाकर भागों को नामांकित कीजिए।
विद्युत चलित्र
रचना और कार्य बताइए, उचित आकृति बनाकर भागों को नामांकित कीजिए।
विद्युतजनित्र (प्रत्यावर्ती)
विद्युतचुंबकीय प्रेण अर्थात - ______
विद्युत चालक का आवेशित होना।
कुंड़ली में से विद्युत आवेश प्रवाहित होने के कारण चुंबकीय क्षेत्र का निर्मित होना।
चुंबक और कुंड़ली की सापेक्ष गति के कारण कुंड़ली में प्रेरण से विद्युत धारा निर्मित होना।
विद्युत चलित्र की कुंड़ली का धूरी के परितः घूमना।
अंतर स्पष्ट कीजिए : प्रत्यावर्ती जनित्र और दिष्ट जनित
विद्युत धारा निर्मित करने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है? आकृतिसहित वर्णन कीजिए।
विद्युत चलित्र
गैल्वनोमीटर
विद्युत जनित्र
वोल्टमीटर
लघुपरिपथ किस कारण निर्मित होता है? उसका क्या प्रभाव होता है?
वैज्ञानिक कारण लिखिए।
विद्युतबल्ब में कुंडली बनाने के लिए टंगस्टन धातु का उपयोग किया जाता है।
वैज्ञानिक कारण लिखिए।
ऊष्मा निर्माण करने वाले विद्युतके उपकरणों में उदा. इस्त्री, विद्युतकी सिगड़ी, बॉयलर में नायक्रॉम जैसी मिश्र धातु का उपयोग करते हैं, शुद्ध धातु का उपयोग नहीं किया जाता।
वैज्ञानिक कारण लिखिए।
विद्युत का स्थानांतरण करने के लिए तांबे या एल्युमिनियम के तारों का उपयोग किया जाता है।
वैज्ञानिक कारण लिखिए।
व्यवहार में विद्युतऊर्जा का मापन करने हेतु Joule के स्थान पर kWh इकाई का उपयोग किया जाता है।
नीचे दिए गए कथनों में से कौन-से कथन लंबे, सीधे विद्युतचालक तार के पास के चुंबकीय क्षेत्र की सटीक वर्णन करते हैं? स्पष्टीकरण लिखिए।
तार के लंबवत सरल रेखा में चुंबकीय बल रेखाएँ एक ही प्रतल से जाती हैं।
तार के समांतर, तार के सभी ओर से चुंबकीय बलरेखाएँ जाती हैं।
तार के लंब और तार से (radially outward) चुंबकीय बल रेखाएँ जाती हैं।
समकेंद्री वृत्ताकार, तार को केंद्र पर रखकर तार के लंब प्रतल में चुंबकीय बलरेखाएँ जाती है।
नालचुंबक का क्या अर्थ हैं? उसके चुंबकीय क्षेत्र की तुलना छड़ चुंबक के चुंबकीय क्षेत्र से करके आकृति बनाइए और भागों को नाम दीजिए।
आकृति को नाम देकर संकल्पना स्पष्ट कीजिए।
आकृति को नाम देकर संकल्पना स्पष्ट कीजिए।
आकृति पहचानकर उसके उपयोग स्पष्ट कीजिए।
आकृति पहचानकर उसके उपयोग स्पष्ट कीजिए।
आकृति पहचानकर उसके उपयोग स्पष्ट कीजिए।
उदाहरण हल कीजिए।
विद्युतपरिपथ के एक विद्युतप्रतिरोध में ऊष्मीय ऊर्जा 100W की दर से निर्मित हो रही है। विद्युतधारा 3A प्रवाहित हो रही है। विद्युत प्रतिरोध कितने Ω होगा ?
दो टंगस्टन बल्ब 220V विभवांतर पर चलते हैं, वे क्रमशः 100W व 60W विद्युतशक्ति के हैं। यदि उन्हें समांतर क्रम में संयोजित किया गया तो मुख्य विद्युतचालक में कितनी विद्युतधारा प्रवाहित होगी?
कौन अधिक विद्युतऊर्जा खर्च करेगा? 500W का टीवी 30 मिनट में या 600W की सिगड़ी 20 मिनट में?
1100W विद्युतशक्ति की इस्त्री रोज 2 घंटे उपयोग किये जाने पर अप्रैल महिने में उसके लिए बिजली का खर्च कितना होगा। (विद्युत कंपनी 1 युनिट ऊर्जाके लिए 5/- रु. वसुल करती है।
Solutions for 4: विद्युत धारा का परिणाम
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Balbharati solutions for Science and Technology 1 [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board chapter 4 - विद्युत धारा का परिणाम
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Concepts covered in Science and Technology 1 [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board chapter 4 विद्युत धारा का परिणाम are विद्युत परिपथ में ऊर्जा का स्थानांतरण (Energy Transfer in an Electric Circuit), विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव (Heating Effect of Electric Current), विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effect of Electric Current), दाहिने हाथ के अंगूठे का नियम (Right Hand Thumb Rule), परिनालिका में से प्रवाहित होनेवाली विद्युत धारा द्वारा निर्माण होनेवाला चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field Due to a Current in a Solenoid), चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाला बल (Force Acting on a Current Carrying Conductor in a Magnetic Field), फ्लेमिंग का बाएँ हाथ का नियम (Fleming’s Left Hand Rule), विद्युत चलित्र (Electric Motor), विद्युत चुंबकीय प्रवर्तन (Electromagnetic Induction), फैरेडे का विद्युत प्रेरण का नियम, फ्लेमिंग के दाएँ हाथ का नियम (Fleming’s Right Hand Rule ), प्रत्यावर्ती धारा और दिष्ट धारा (Alternating Current (AC) and Direct Current (DC), विद्युत जनित्र (Electric Generator).
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