Advertisements
Advertisements
Question
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
गाता शुक जब किरण बसंत
छूती अंग पर्ण से छनकर
Solution
संदर्भ : प्रस्तुत पंद्याश 'रामधारी सिंह दिनकर' द्वारा रचित 'गीत-अगीत' से लिया गया है। यहाँ कवि शुक तथा शुकी के प्रसंग के माध्यम से गीतों के महत्व को प्रस्तुत किया है।
व्याख्या : कवि के अनुसार शुक जब डाल पर बैठकर किरण बंसती का गीत गाता है तो शुकी पर उसकी स्वर लहरी का प्रभाव पड़ता है और उसमें सिरहन होने लगती। उसकी स्वर लहरी पत्तों से छन छन कर शुकी के अंगों में समा जाती है। अर्थात शुक का गीत शुकी को इतना आकर्षक लगता कि वह उसी में खो जाती थी।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
‘जीवन संघर्ष का ही नाम है’ इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा का आयोजन कीजिए।
कवि ‘एक पत्र छाँह’ भी माँगने से मना करता है, ऐसा क्यों?
जीवन पथ पर चलते मनुष्य के कदम यदि रुक जाते है तो उसे क्या हानि हानि उठानी पड़ती है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
जब शुक गाता है, तो शुकी के हृदय पर क्या प्रभाव पड़ता है?
तोते का गीत सुनकर शुकी की क्या दशा हुई ?
तोते और शुकी के गीत का अंतर पठित कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
कविता की उन पँक्तियों को लिखिए, जिनसे निम्नलिखित अर्थ का बोध होता है −
1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृ्दय काँप उठता था।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मनःस्थिति।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
4. पिता की वेदना और उसका पश्चाताप।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
बीमार बच्ची ने क्या इच्छा प्रकट की?
इस कविता में से कुछ भाषिक प्रतीकोंबिंबों को छाँटकर लिखिए:
उदाहरण : अंधकार की छाया
(i) _______________
(ii) _______________
(iii) _______________
(iv) _______________
(v) _______________
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
बुझी पड़ी थी चिता वहाँ पर
छाती धधक उठी मेरी
इस कविता का कौन-सा भाग आपको सबसे अच्छा लगा और क्यों?
निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पढ़ते हैं आदमी ही कुरआन और नमाज़ यां
और आदमी ही उनकी चुराते हैं जूतियाँ
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
'नट' किस कला में सिद्ध होने के कारण ऊपर चढ़ जाता है?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
दीरघ दोहा अरथ के, आखर थोरे आहिं।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
पानी गए न उबरै, मोती, मानुष, चून।
उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
उदाहण : कोय − कोई , जे - जो
ज्यों |
_______________ |
कछु |
_______________ |
नहिं |
_______________ |
कोय |
_______________ |
धनि |
_______________ |
आखर |
_______________ |
जिय |
_______________ |
थोरे |
_______________ |
होय |
_______________ |
माखन |
_______________ |
तरवारि |
_______________ |
सींचिबो |
_______________ |
मूलहिं |
_______________ |
पिअत |
_______________ |
पिआसो |
_______________ |
बिगरी |
_______________ |
आवे |
_______________ |
सहाय |
_______________ |
ऊबरै |
_______________ |
बिनु |
_______________ |
बिथा |
_______________ |
अठिलैहैं |
_______________ |
परिजाय |
_______________ |
|
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी जोति बरै दिन राती
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
कवि ने गरीब निवाजु किसे कहा है और क्यों ?
रैदास द्वारा रचित दूसरे पद ‘ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै’ को प्रतिपाद्य लिखिए।