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संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −अपने पतझर के सपनों कामैं भी जग को गीत सुनाता - Hindi Course - B

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Question

संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए 
अपने पतझर के सपनों का
मैं भी जग को गीत सुनाता

Short Note

Solution

संदर्भ : प्रस्तुत पंद्याश 'रामधारी सिंह दिनकर' द्वारा रचित 'गीत-अगीत' से लिया गया है। इसमें कवि एक गुलाब के पौधे की व्यथा का वर्णन करता है

व्याख्या : इन पंक्तियों में कवि यह कहना चाहते हैं कि नदी के किनारे उगा गुलाब का पौधा उसके कल-कल बहने के स्वर को समझता है कि वह अपनी बात तटों से कह रही है। अगर उसे भी स्वर मिला होता तो वह भी पतझड़ की व्यथा को सुना पाता। उसके भाव गीत न होकर अगीत ही रह जाते हैं।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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Chapter 11: रामधारी सिंह दिनकर - गीत – अगीत - प्रश्न अभ्यास [Page 101]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
Chapter 11 रामधारी सिंह दिनकर - गीत – अगीत
प्रश्न अभ्यास | Q 2.1 | Page 101

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ज्यों

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नहिं

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कोय

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आखर

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थोरे

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होय

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माखन

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तरवारि

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सींचिबो

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मूलहिं

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पिअत

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पिआसो

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बिगरी

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आवे

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सहाय

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ऊबरै

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बिनु

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बिथा

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अठिलैहैं

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