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सत्ता, शक्ति, बुद्धिमता, प्रेम और पैसे के चरमोत्कर्ष में जब हम आईना देखते हैं, तो चेहरा चार्ली-चार्ली हो जाता है। - Hindi (Core)

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Question

सत्ता, शक्ति, बुद्धिमता, प्रेम और पैसे के चरमोत्कर्ष में जब हम आईना देखते हैं, तो चेहरा चार्ली-चार्ली हो जाता है।

Short Note

Solution

बिलकुल सही है। एक ऐसा मनुष्य जिसके पास सत्ता हो, उसे चलाने की शक्ति विद्यमान हो, बुद्धि का साथ हो, इसके अतिरिक्त वह प्रेम और पैसे से संपन्न हो, तब हम स्वयं को चार्ली के रूप में देखते हैं। वह ऐसी स्थिति में हँसता है।

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चार्ली चैप्लिन यानी हम सब
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Chapter 15: विष्णु खरे (चार्ली चैप्लिन यानी हम सब) - अभ्यास [Page 127]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Aaroh Class 12
Chapter 15 विष्णु खरे (चार्ली चैप्लिन यानी हम सब)
अभ्यास | Q (घ) | Page 127

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