Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अंतर स्पष्ट कीजिए।
उष्मीय विद्युत निर्मिती और सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मिती।
अंतर स्पष्ट करें
उत्तर
उष्मीय विद्युत निर्मिती | सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मिती |
1. कोयले का ज्वलन करने पर उत्पन्न हुई ऊष्मीय ऊर्जा का उपयोग करके ऊष्मीय विद्युत निर्मिती की जाती है। | 1. सूर्यप्रकाश की किरणों की उष्मीय ऊर्जा का उपयोग करके सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मित जाती है। |
2. उष्मा उत्पन्न करने के लिए कोयले का ज्वलन बॉयलर में किया जाता है। | 2. ऊष्मा उत्पन्न करने के लिए सूर्यप्रकाश की किरणों को परावर्तित करने वाले अनेक परावर्तक का उपयोग करके सूर्य की किरणों को एक अवशोषक पर केन्द्रित करते हैं। जिससे वहाँ ऊष्मा का निर्माण होता है। |
3. कोयले के ज्वलन से उत्पन्न उष्मीय ऊर्जा के कारण पानी का रूपांतरण उच्च तापमान और उच्चदाबवली भाप में होता है। इस भाप की शक्ति से टर्बाइन घुमता है। इस कारण टर्बाइन से जुड़ा हुआ जनित्र घुमकर विद्युत का निर्माण करता है। |
3.सूर्य की ऊष्मीय ऊर्जा के कारण पानी का रूपांतरण भाप मे होता है। इस भाप के कारण टरर्बाइन तथा टरर्बाइन के द्वारा जनित्र घुमाया जाता है। इसके द्वारा विद्युत ऊर्जा का निर्माण होता है। |
4. ऊष्मीय विद्युत निर्मिती प्रदूषणकारी है। यह पर्यावरण स्नेही भी नहीं है। | 4. सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मिती प्रदूषणकारी नहीं है। यह पर्यावरण स्नेही है। |
5. ऊष्मीय विद्युत निर्मिती में उपयोग किए जाने वाले ईंधन कोयले का प्राकृतिक भंडार सीमित है। | 5. सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मिती में उपयोग की जाने वाली सौर ऊर्जा प्राकृतिक और कभी न समाप्त होने वाली ऊर्जा है। |
shaalaa.com
उष्मीय-ऊर्जा पर आधारित विद्युत ऊर्जानिर्मिती केन्द्र
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ऊष्मीय विद्युत निर्मिती के कारण निर्माण होनेवाली समस्याएँ कौन-सी हैं?
उष्मीय विद्युत निर्मिती केन्द्र के अतिरिक्त किस विद्युत केन्द्र में उष्मीय ऊर्जा का उपयोग होता है? यह ऊष्मीय ऊर्जाकिस प्रकार प्राप्त की जाती है?
नीचे दिए गए विद्युत निर्मिती केंन्द्रों में क्रमशः होनेवाले ऊर्जा के रूपांतरण को स्पष्ट कीजिए।
ऊष्मीय विद्युत निर्मिती केंन्द्र