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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

नीचे दिए गए विद्युत निर्मिती केंन्द्रों में क्रमशः होनेवाले ऊर्जा के रूपांतरण को स्पष्ट कीजिए। ऊष्मीय विद्युत निर्मिती केंन्द्र - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

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प्रश्न

नीचे दिए गए विद्युत निर्मिती केंन्द्रों में क्रमशः होनेवाले ऊर्जा के रूपांतरण को स्पष्ट कीजिए।

ऊष्मीय विद्युत निर्मिती केंन्द्र

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उत्तर

ऊष्मीय ऊर्जा पर आधारित विद्युतऊर्जा निर्मिती केन्द्रों में भाप से चलने वाले टर्बाइन का उपयोग किया जाता है। यहाँ पर कोयले का दहन (ज्वलन) किया जाता है। कोयले के ज्वलन से उत्पन्न ऊष्मीय ऊर्जा का उपयोग बायलर में पानी को गर्म करने के लिए किया जाता है। इस पानी का रूपांतरण उच्च तापमान और उच्चदाबवाली भाप में किया जाता है। इस भाप की शक्ति से टर्बाइन घुमता है। इस टर्बाइन से जुड़ा हुआ जनित्र भी घुमता है। इस प्रकार जनित्र के घुमने से विद्युत निर्मित होती है। इसी भाप का रूपांतरण पानी पानी में करके, पानी को पुनः वापस बॉयलर में भेजा जाता है। इस प्रकार ऊष्मीय विद्युत निर्मिती केन्द्र में कोयले की रासायनिक ऊर्जा का रूपांतरण ऊष्मीय ऊर्जा में, ऊष्मीय ऊर्जा का रूपांतरण गतिज ऊर्जा में, गतिज ऊर्जा का रूपांतरण यांत्रिक ऊर्जा में तथा यांत्रिक ऊर्जा का रूपांतरण विद्युत ऊर्जा में हो जाता है।

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उष्मीय-ऊर्जा पर आधारित विद्युत ऊर्जानिर्मिती केन्द्र
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अध्याय 5: हरित ऊर्जा की दिशा में - स्वाध्याय [पृष्ठ ६०]

APPEARS IN

बालभारती Science and Technology 2 [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board
अध्याय 5 हरित ऊर्जा की दिशा में
स्वाध्याय | Q 10. अ. | पृष्ठ ६०
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