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प्रश्न
दुर्भिति क्या है? यदि किसी को सांप से अत्यधिक भय हो तो क्या यह सामान्य दुर्भिति दोषपूर्ण या गलत अधिगम के कारण हो सकता है? यह दुर्भिति किस प्रकार विकसित हुई होगी? विश्लेषण कीजिऐ।
उत्तर
किसी व्यक्ति को छिपकली के भय से कमरे से घुसने से मना कर दिया हो या किसी ने इमारत की दसवीं मंजिल पर सीढी से जाने या लिफ्ट में चढ़ने से मना कर दिया हो ऐसे लोग दुर्भिति का शिकार हुए होते है। आपने अपने किसी मित्र को श्रेताओ के सामने बोलते हुए देखा होगा की घबराहट होने लगती है, नर्वस हो जाता है। इस तरह के भय दुर्भिति कहते है। जिन लोगो को होती है उन्हें किसी विशिष्ट वस्तु, लोग या स्थितियो के प्रति अविवेक या अतर्क भय होता है। दुर्भिति बहुत धीरे - धीरे या सामान्यतः दुष्चित विकार से उतपन्न होती है। दुर्भिति को मुख्यतः तीन प्रकार का मना जाता है - विशिष्ट दुर्भिति सामाजिक दुर्भिति विवृतिभीति। विशिष्ट दुर्भिति सामान्यता घटित होने वाली दुर्भिति होती है। इसमें अविवेकी या अतर्क भरा जैसे किसी विशिष्ट प्रकार के जानवर के प्रति तीर्व और भय का होना या किसी बंद जगह में होने के भय का होना सम्मिलित होते है। दुसरो बर्ताव करते समय तीव्र और अक्षम करने वाला भय तथा उलझन अनुभव कारना सामाजिक दुश्चित चिकार का लक्षण है।
सामान्यतः ऐसा कहा जा सकता है बार - बार डराए जाने या किसी घटना का दिमाग पर गहरा असर हो जाने पर हुआ होगा। जिससे आगे चलकर ये देख जाने लगा और मनोवैज्ञानिक इसे समझने का प्रयास करने लगे।
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