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प्रश्न
गद्यांशं पठित्वा सरलार्थ तिखत।
शक्रः | महत्तरां भिक्षां याचे। |
कर्णः | महत्तरां भिक्षां भवते प्रदास्ये। गोसहस्त्रं ददामि। |
शक्रः | गोसहस्रमिति ? मुहूर्तकं क्षीरं पिबामि। नेच्छामि कर्ण, नेच्छामि। |
कर्णः | किं नेच्छति भवान्? अपर्याप्तं कनकं ददामि। |
भाषांतर
उत्तर १
English:
Indra: | I am going to ask for big alms! |
Karna: | I shall give big alms. I donate a thousand cows. |
Indra: | What, did you say a thousand cows ? I would drink milk for some time. O Karna, no, I do not want this. |
Karna: | You do not wish this. Alright. I offer immense gold. |
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उत्तर २
मराठी:
इद्र | मी मोठी भिक्षा मागणार आहे. |
कर्ण | आपल्याला मी मोठी भिक्षा देईन. हजार गायी देतो. |
इद्र | काय, हजार गायी असे म्हणालास? थोडा काळ दूध पिईन. कर्णा, नको, मला हे नको. |
कर्ण | आपल्याला नको? मग अमर्याद सोने देतो. |
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उत्तर ३
हिन्दी:
इद्र | मैं बड़ा दान मांगता हूँ। |
कर्ण | मैं आपको और भी बड़ा दान दूंगा। मैं एक हजार गायें दान करता हूँ। |
इद्र | एक हजार गायें? मैं तो कुछ समय के लिए दूध पी सकता हूँ। नहीं चाहता कर्ण, नहीं चाहता। |
कर्ण | क्या आप इसे नहीं चाहते? तो मैं अपार सोना दान करता हूँ। |
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