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नीचे दिए गए समय के फलनों में कौन (a) सरल आवर्त गति (b) आवर्ती परंतु सरल आवर्त गति नहीं, तथा (c) अनावर्ती गति का निरूपण करते हैं। प्रत्येक आवर्ती गति का आवर्तकाल ज्ञात कीजिए: (ω कोई धनात्मक अचर हैं।) - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

नीचे दिए गए समय के फलनों में कौन (a) सरल आवर्त गति (b) आवर्ती परंतु सरल आवर्त गति नहीं, तथा (c) अनावर्ती गति का निरूपण करते हैं। प्रत्येक आवर्ती गति का आवर्तकाल ज्ञात कीजिए: (ω कोई धनात्मक अचर हैं।)

1 + ωt + ω2t2

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

यह फलन न तो आवर्त गति निरूपित करते हैं और न ही सरल आवर्त गति निरूपित करते हैं।

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सरल आवर्त गति
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अध्याय 14: दोलन - अभ्यास [पृष्ठ ३७५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 11
अध्याय 14 दोलन
अभ्यास | Q 14.4 (f) | पृष्ठ ३७५

संबंधित प्रश्न

नीचे दिए गए उदाहरण में कौन (लगभग) सरल आवर्त गति को तथा कौन आवर्ती परंतु सरल आवर्त गति निरूपित नहीं करते हैं?

किसी U-नली में दोलायमान पारे के स्तंभ की गति।


नीचे दिए गए उदाहरण में कौन (लगभग) सरल आवर्त गति को तथा कौन आवर्ती परंतु सरल आवर्त गति निरूपित नहीं करते हैं?

किसी चिकने वक्रीय कटोरे के भीतर एक बॉल बेयरिंग की गति जब उसे निम्नतम बिंदु से कुछ ऊपर के बिंदु से मुक्त रूप से छोड़ा जाए।


नीचे दिए गए समय के फलन में कौन (a) सरल आवर्त गति (b) आवर्ती परंतु सरल आवर्त गति नहीं, तथा (c) अनावर्ती गति का निरूपण करते हैं। आवर्ती गति का आवर्तकाल ज्ञात कीजिए: (ω कोई धनात्मक अचर है।)

sin ωt - cos ωt


नीचे दिए गए समय के फलनों में कौन (a) सरल आवर्त गति (b) आवर्ती परन्तु सरल आवर्त गति नहीं, तथा (e) अनावर्ती गति का निरूपण करते हैं। प्रत्येक आवर्ती गति का आवर्तकाल ज्ञात कीजिए: (ω कोई धनात्मक अचर हैं।)

`3  "cos" (pi/4 - 2  "ωt")`


नीचे दिए गए समय के फलनों में कौन (a) सरल आवर्त गति (b) आवर्ती परन्तु सरल आवर्त गति नहीं, तथा (c) अनावर्ती गति का निरूपण करते हैं। प्रत्येक आवर्ती गति का आवर्तकाल ज्ञात कीजिए: (ω कोई धनात्मक अचर हैं।)

cos ωt + cos 3 ωt + cos 5 ωt


नीचे दिए गए समय के फलनों में कौन (a) सरल आवर्त गति (b) आवर्ती परंतु सरल आवर्त गति नहीं, तथा (c) अनावर्ती गति का निरूपण करते हैं। प्रत्येक आवर्ती गति का आवर्तकाल ज्ञात कीजिए: (ω कोई धनात्मक अचर हैं।)

exp(- ω2t2


कोई कण एक-दूसरे से 10 cm दूरी पर स्थित दो बिंदुओं A तथा B के बीच रैखिक सरल आवर्त गति कर रहा है। A से B की ओर की दिशा को धनात्मक दिशा मानकर वेग, त्वरण तथा कण पर लगे बल के चिह्न ज्ञात कीजिए जबकि यह कण

  1. A सिरे पर है,
  2. B सिरे पर है।
  3. A की ओर जाते हुए AB के मध्य बिंदु पर है,
  4. A की ओर जाते हुए 8 से 2 cm दूर है,
  5. B की ओर जाते हुए से 3 cm दूर है, तथा
  6. A की ओर जाते हुए 8 से 4 cm दूर है।

नीचे दिए गए किसी कण के त्वरण तथा विस्थापन के बीच संबंधों में से किससे सरल आवर्त गति संबद्ध है:

  1. a = 0.7 x
  2. a = -200x²
  3. a = -10
  4. a = 100x³

सरल आवर्त गति करते किसी कण की गति का वर्णन नीचे दिए गए विस्थापन फलन द्वारा किया जाता है,

x(t) = A cos (ωt + φ)

यदि कण की आरंभिक (t = 0) स्थिति 1 cm तथा उसका आरंभिक वेग πcms-1 है। तो कण का आयाम तथा आरंभिक कला कोण क्या है? कण की कोणीय आवृत्ति πS-1 है। यदि सरल आवर्त गति का वर्णन करने के लिए कोज्या (cos) फलन के स्थान पर हम ज्या (sin) फलन चुनें; x = B sin (ωt + α), तो उपर्युक्त आरंभिक प्रतिबंधों में कण का आयाम तथा आरंभिक कला कोण क्या होगा?


किसी कण की सरल आवर्त गति के आवर्तकाल का मान उस कण के द्रव्यमान तथा बल-स्थिरांक पर निर्भर करता है: `"T"=2\pi \sqrt { \frac { "m" }{ "k" }]`। कोई सरल लोलक सन्निकट सरल आवर्त गति करता है। तब फिर किसी लोलक का आवर्तकाल लोलक के द्रव्यमान पर निर्भर क्यों नहीं करता?


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