Advertisements
Advertisements
प्रश्न
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्ति: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
प्रथमा | भानु: | भानू | ______ |
रिक्त स्थान भरें
उत्तर
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
प्रथमा | भानुः | भानू | भानवः |
shaalaa.com
विमानयानं रचयाम
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
कण्ठः ______ शोभते।
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
पर्वतशिखरम् ______ आकर्षकं दृश्यते। (अम्बुदमाला)
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
के वायुयानं रचयन्ति ?
वयं कीदृशं सोपानं रचयाम ?
आकाशे का: चित्वा मौक्तिकहारं रचयाम ?
केषां गृहेषु हर्षं जनयाम ?
विलोमपदानि योजयत–
उत्रत: | पृथिव्याम् |
गगने | असुन्दर: |
सुन्दर: | अवनत: |
चित्वा | शोक: |
दु:खी | विकीर्य |
हर्ष: | सुखी |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
चतुर्थी | साधवे | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
सम्बोधन | हे विष्णो | ______ | ______ |
पर्याय–पदानि योजयत–
गगने | जलद: |
विमले | निशाकर: |
चन्द्र: | आकाशे |
सूर्य: | निर्मले |
अम्बुद: | दिवाकर: |