हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

‘वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या’ पर अपने विचार लिखिए। - Hindi [हिंदी]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या’ पर अपने विचार लिखिए।

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

हमारे समाज में वृद्ध लोगों को दोयम दर्जे के व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। देश में तेजी से सामाजिक परिवर्तनों का दौर चालू है और इस कारण वृद्धों की समस्याएँ विकराल रूप धारण कर रही हैं। हमारे धर्म में तो माता-पिता को सबसे ऊँचा दर्जा प्राप्त है। देवताओं में सर्वोच्च स्थान रखने वाले गणेश तक ने अपने माता-पिता के चारों ओर चक्कर लगाकर उन्हें पूरा संसार कहा था, लेकिन आज की पीढ़ी मंदिरों में उसी गणेश की पूजा करती है और माता-पिता को वृद्धाश्रमों में छोड़ती है। 

हमारे समाज में हमारे ही बुजुर्ग एकाकी रहने को विवश हैं उनके साथ उनके अपने बच्चे नहीं हैं। गावों में तो स्थिति फिर भी थोड़ी ठीक है लेकिन शहरों में तो स्थिति बिलकुल भी विपरीत है। ज्यादातर बुजुर्ग घर में अकेले ही रहते हैं, और जिनके बच्चे उनके साथ हैं वो भी अपने अपने कामों में इस हद तक व्यस्त हैं की उनकेपास अपने माता – पिता से बात करने के लिए समय ही नहीं है। अलग-अलग देशों में वृद्धाश्रम बनाने के पीछे कई कारण हैं जिनमें से कुछ में बढ़ता शहरीकरण और आधुनिक जीवन शामिल है जो लोगों को अपनी आजीविका कमाने में व्यस्त बनाता है और सभी नैतिक मूल्यों को भूल जाता है। वृद्धाश्रम एक ऐसा स्थान है जहाँ वृद्धों को रहने के लिए आश्रय और भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उन्हें स्वास्थ्य सुविधा और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। वृद्धावस्था जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण है जब हम घर पर बैठ सकते हैं और आराम कर सकते हैं, लेकिन आजकल बहुत से बच्चे जो अपने माता-पिता को घर पर नहीं चाहते हैं, उन्हें छुटकारा पाने के लिए वृद्धाश्रम में भेजते हैं। इसके कारण वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ते जा रही है। 

shaalaa.com
चीफ की दावत
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.02: चीफ की दावत - अभिव्यक्‍ति [पृष्ठ ६७]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Kumarbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
अध्याय 2.02 चीफ की दावत
अभिव्यक्‍ति | Q १. | पृष्ठ ६७

संबंधित प्रश्न

कारण लिखिए : 

माँ ने गीत सुनाया - ______ 


कारण लिखिए : 

देशी स्त्रियाँ खुश हाे गईं - ______ 


लिखिए : 


लिखिए : 

 


सूचना के अनुसार परिवर्तन करके पुनः लिखिए :  


‘वृद्धों काे दया नहीं स्नेहभरा व्यवहार चाहिए’, इसपर अपने विचार लिखिए।


संजाल पूर्ण कीजिए : 

 


कृतियाँ पूर्ण कीजिए : 

मेम साहब को पसंद आईं चीजें :

  • ______
  • ______  

कारण लिखिए : 

शामनाथ क्रोधित हो उठे - ______ 


निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

           शामनाथ की पार्टी सफलता के शिखर चूमने लगी। कहीं कोई रुकावट न थी, कोई अड़चन न थी। मेम साहब को परदे पसंद आए थे, सोफा कवर का डिजाइन पसंद आया था, कमरे की सजावट पसंद आई थी। इससे बढ़कर क्‍या चाहिए? साहब तो चुटकुले और कहानियाँ कहने लग गए थे। दफ्तर में जितना रोब रखते थे, यहाँ पर उतने ही दोस्‍तपरवर हो रहे थे और उनकी स्‍त्री, काला गाउन पहने, गले में सफेद मोतियों का हार, सेंट और पावडर की महक से ओत-प्रोत, कमरे में बैठी सभी देशी स्‍त्रियों की आराधना का केंद्र बनी हुई थीं। बात-बात पर हँसतीं, बात-बात पर सिर हिलातीं और शामनाथ की स्‍त्री से तो ऐसे बातें कर रहीं थीं, जैसे उनकी पुरानी सहेली हो।

           इसी रौ में साढ़े दस बज गए। वक्‍त कब गुजर गया पता ही न चला।

           आखिर सब लोग खाना खाने के लिए उठे और बैठक से बाहर निकले। आगे-आगे शामनाथ रास्‍ता दिखाते हुए, पीछे चीफ और दूसरे मेहमान।

           बरामदे में पहुँचते ही शामनाथ सहसा ठिठक गए। जो दृश्य उन्होंने देखा, उससे उनकी टाँगें लड़खड़ा गईं, बरामदे में ऐन कोठरी के बाहर माँ अपनी कुर्सी पर ज्‍यों-की-त्‍यों बैठी थीं।

(1) उत्तर लिखिए: (2)

(2) लिखिए: (2)

(3) ‘समय किसी के लिए रुकता नहीं’ इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (3)


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×