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SSC (Hindi Medium) १० वीं कक्षा - Maharashtra State Board Important Questions for Hindi [हिंदी]

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Hindi [हिंदी]
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निम्नलिखित 'पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

ऊर्ध्वतम ही है चलना
जैसे पृथिवी चलकर गौरीशंकर बनती !
छूट गए पीछे
कस्तूरी मृगवाले वे मधु मानव-से उत्सव जंगल,
ग्रीष्म तपे
तँबियारे झरे पात की
वे वनानियाँ, गिरे चीड़फूलों से लदी भूमि
औ’ औषधियों के वल्कल पहने
परम हितैषी वृक्ष
सभी कुछ छूट गए ।

(1) उचित मिलान कीजिए :     (2)

  उत्तर
(i) औषधि   ताप
(ii) ग्रीष्म   वल्कल
(iii) कस्तूरी   पात
(iv) तौबियारे   उत्सव
(v)     मृग

(2) पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए:     (2)

  1. विलोम शब्द:
    1. आगे × ______
    2. अहितैषी × ______
  2. समानार्थी शब्द :
    1. पेड़ = ______
    2. वन = ______

(3) प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।     (2)

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Chapter: [0.010700000000000001] हिम (पद्य)
Concept: हिम

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

           मुझे जोधपुर जाना था। बस आने में देरी थी। अतः बस स्टॉप पर बस के इंतजार में बैठा था। वहाँ बहुत से यात्रियों का जमघट लगा हुआ था। सभी बातों में मशगूल थे अतः अच्छा-खासा शोर हो रहा था।

           अचानक एक आवाज ने मेरा ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। एक दस वर्षीय लड़का फटा-सा बैग लटकाए निवेदन कर रहा था - ‘‘बाबू जी, पॉलिश करा लो।’’

           मेरे मना करने पर उसने विनीत मुद्रा में कहा - ‘‘बाबू जी, करा लो। जूते चमका दूँगा। अभी तक मेरी बोहनी नहीं हुई है।’’

           मैं घर से जूते पॉलिश करके आया था अतः मैंने उसे स्पष्ट मना कर दिया।

           वह दूसरे यात्री के पास जाकर विनय करने लगा। मैं उसी ओर की देखने लगा। वह रह-रहकर यात्रियों से अनुनय-विनय कर रहा था- ‘‘बाबू जी, पॉलिश करा लो। जूते चमका दूँगा। अभी तक मेरी बोहनी नहीं हुई है।’’

           मेरे पास ही एक सज्जन बैठे थे। वे भी उस लड़के को बड़े गौर से देख रहे थे। शायद उन्हें उसपर दया आई। उन्होंने उसे पुकारा तो वह प्रसन्न होकर उनके पास आया और वहीं बैठ गया।

(1) संजाल पूर्ण कीजिए: (2)

(2) कारण लिखिए: (2)

  1. लेखक का लड़के को मना करना - ______
  2. लड़के का प्रसन्न होना - ______

(3) ‘स्वावलंबन का महत्त्व’ इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (3)

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Chapter: [0.0111] दो लघुकथाएँ - मौन, असाधारण
Concept: असाधारण

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

दिल के सूरज को, सलीबों पे चढ़ाने वालो।
रात ढल जाएगी, इक रोज जमाने वालो।

में तो खुशबू हूँ, किसी फूल में बस जाऊँगा,
तुम कहाँ जाओगे, कॉँटों के बिछाने वालो।

मैं उसूलों के उजालों में रहा करता हैँ,
सोच लों मेरी तरफ लौट के आने वालो।

उँगलियाँ तुमपे उठाएगी ये दुनिया इक दिन,
अपने 'बेदिल' से नजर फेर के जाने वालो।

(1) जोड़ियाँ मिलाकर फिर से लिखिए :  (2)

'अ' 'आ'
(i) दिल का सूरज (अ) बेदिल से
(ii) खुशबू बसेगी (ब) उसूलों के
(iii) उजालों में रहना (क) फूल में
(iv) नजर फेर लेना (ड) सलीबों पे चढ़ेगा

(2) 'बुरा जो देखन मैं चला, मुझसे बुरा न कोय' इस विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।  (2)

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Chapter: [0.011200000000000002] गजलें (पूरक पठन)
Concept: गजलें

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

जहाँ पर भाईयों में प्यार का सागर नहीं होता,
वो ईंटों का मकाँ होता है, लेकिन घर नहीं हाेता।

जो अपने देश पर कटने का जज्‍बा ही न रखता हो,
वो चाहे कुछ भी हो सकता है, लेकिन सर नहीं होता।

जो समझौते की बातें हैं, खुले दिल से ही होती हैं,
जो हम मिलते हैं उनसे, हाथ में खंजर नहीं होता।

हकीकत और होती है, नजर कुछ और आता है,
जहाँ पर फूल खिलते हैं, वहाँ पत्‍थर नहीं होता।

  1. एक/दो शब्दों में उत्तर लिखिए:    (2)
    1. जहाँ भाईयों में प्यार होता है वहाँ - ______
    2. जिसमें अपने देश पर कटने का जज्‍बा होता है उसे - ______
    3. जहाँ समझौते की बातें होती हैं वहाँ - ______
    4. जहाँ फूल खिलते हैं वहाँ - ______
  2. 'अपनत्व की भावना' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।   (2)
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Chapter: [0.011200000000000002] गजलें (पूरक पठन)
Concept: गजलें

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

           शामनाथ की पार्टी सफलता के शिखर चूमने लगी। कहीं कोई रुकावट न थी, कोई अड़चन न थी। मेम साहब को परदे पसंद आए थे, सोफा कवर का डिजाइन पसंद आया था, कमरे की सजावट पसंद आई थी। इससे बढ़कर क्‍या चाहिए? साहब तो चुटकुले और कहानियाँ कहने लग गए थे। दफ्तर में जितना रोब रखते थे, यहाँ पर उतने ही दोस्‍तपरवर हो रहे थे और उनकी स्‍त्री, काला गाउन पहने, गले में सफेद मोतियों का हार, सेंट और पावडर की महक से ओत-प्रोत, कमरे में बैठी सभी देशी स्‍त्रियों की आराधना का केंद्र बनी हुई थीं। बात-बात पर हँसतीं, बात-बात पर सिर हिलातीं और शामनाथ की स्‍त्री से तो ऐसे बातें कर रहीं थीं, जैसे उनकी पुरानी सहेली हो।

           इसी रौ में साढ़े दस बज गए। वक्‍त कब गुजर गया पता ही न चला।

           आखिर सब लोग खाना खाने के लिए उठे और बैठक से बाहर निकले। आगे-आगे शामनाथ रास्‍ता दिखाते हुए, पीछे चीफ और दूसरे मेहमान।

           बरामदे में पहुँचते ही शामनाथ सहसा ठिठक गए। जो दृश्य उन्होंने देखा, उससे उनकी टाँगें लड़खड़ा गईं, बरामदे में ऐन कोठरी के बाहर माँ अपनी कुर्सी पर ज्‍यों-की-त्‍यों बैठी थीं।

(1) उत्तर लिखिए: (2)

(2) लिखिए: (2)

(3) ‘समय किसी के लिए रुकता नहीं’ इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (3)

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Chapter: [0.0202] चीफ की दावत
Concept: चीफ की दावत

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

मेरा जीवन एक खुली किताब रहा है। मेरे न कोई रहस्‍य हैं और न मैं रहस्‍यों को प्रश्रय देता हूँ।

मैं पूरी तरह भला बनने के लिए संघर्षरत एक अदना-सा इनसान हूँ। मैं मन, वाणी और कर्म से पूरी तरह सच्चा और पूरी तरह अहिंसक बनने के लिए संघर्षरत हूँ। यह लक्ष्य सच्चा है, यह मैं जानता हूँ पर उसे पाने में बार-बार असफल हो जाता हॅूं। मैं मानता हूँ कि इस लक्ष्य तक पहुँचना कष्‍टकर है पर यह कष्‍ट मुझे निश्चित आनंद देने वाला लगता है। इस तक पहुँचने की प्रत्‍येक सीढ़ी मुझे अगली सीढ़ी तक पहुँचने के लिए शक्‍ति तथा सामर्थ्य देती है।

जब मैं एक ओर अपनी लघुता और अपनी सीमाओं के बारे में सोचता हूँ और दूसरी ओर मुझसे लोगों की जो अपेक्षाएँ हो गई हैं, उनकी बात सोचता हूँ तो एक क्षण के लिए तो मैं स्‍तब्‍ध रह जाता हूँ। फिर यह समझकर प्रकृतिस्‍थ हो जाता हूँ कि ये अपेक्षाएँ मुझसे नहीं हैं। ये सत्‍य और अहिंसा के दो अमूल्‍य गुणों के मुझमें अवतरण हैं। यह अवतरण कितना ही अपूर्ण हो पर मुझमें अपेक्षाकृत अधिक द्रष्‍टव्य है। 

(1) कारण लिखिए:      (2)

  1. लेखक का जीवन एक खुली किताब है -
  2. लेखक प्रकृतिस्थ हो जाते हैं -

(2) लिखिए :     (2)

(i)

(ii)

(3) 'कथनी और करनी में समानता होनी चाहिए' विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए।    (3)

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Chapter: [0.0203] जानता हूँ मैं
Concept: जानता हूँ मैं

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

सुंदर सुभूमि भैया भारत के देसवा से
मोरे प्राण बसे हिम खोह रे बटोहिया
एक द्‍वार घेरे रामा हिम कोतवलवा से
तीन द्‍वार सिंधु घहरावे रे बटोहिया।

जाहु-जाहु भैया रे बटोही हिंद देखी आउ
जहवाँ कुहुँकि कोइल बोले रे बटोहिया
पवन सुगंध-मंद अगर, चंदनवां से
कामिनी बिरह राग गावे रे बटोहिया।

(1) उपर्युक्त पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: (2)

  1. देश - ______
  2. पर्वत - ______
  3. पक्षी - ______
  4. सुगंधी वृक्ष - ______

(2) ‘पर्यटन से होनेवाले लाभ’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

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Chapter: [0.0204] बटोहिया (पूरक पठन)
Concept: बटोहिया

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

रामनाम जपिब श्रवननि सुनिबौ।
सलिल मोह में बहि नहीं जाईबौ।। टेक ।।
अकथ कथ्यौ न जाइ।
कागद लिख्यौ न माइ।।
सकल भुवनपति मिल्यौ है सहज भाइ ।। १।।
राम माता, राम पिता, राम सबै जीव दाता।
भणत नामईयौ छीपै।
कहै रे पुकारि गीता ।।२।।

(1) आकृति पूर्ण कीजिए :  (2)

(i) 

(ii)

(2) निम्नलिखित शब्दों के लिए समानार्थी शब्द पट्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए:  (2)

  1. कानों से = ______
  2. लालच = ______
  3. न कहने योग्य = ______
  4. कागज = ______

(3) प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।  (2)

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Chapter: [0.0207] अकथ कथ्‍यौ न जाइ (पद्य)
Concept: अकथ कथ्‍यौ न जाइ

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:

‘अकथ कथ्‍यौ न जाइ’

१. रचनाकार का नाम -

२. रचना की विधा - 

३. पसंद की पंक्तियाँ - 

४. पंक्तियाँ पसंद होने का कारण -

५. रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा -

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Chapter: [0.0207] अकथ कथ्‍यौ न जाइ (पद्य)
Concept: अकथ कथ्‍यौ न जाइ

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

शिवानी : मेरे लिए यह कहना कठिन है कि मेरी कौन-सी रचना सर्वोत्तम है। जिस तरह किसी माँ के लिए उसके बच्चे समान रूप से प्रिय होते हैं, उसी प्रकार मुझे अपनी सभी कृतियाँ 'एक-सी प्रिय हैं। बैसे पाठकों ने अभी तक जिस कृति को सर्वाधिक सराहा है, वह है -' कृष्णकली '। फिर भी यदि आप प्रिय रचना कहकर मुझसे जानना चाहते हैं, तो मैं यात्रा 'वृत्तांत 'चरैवेति ' का नाम लूँगी। इसमें भारत से मास्को तक की यात्रा का विवरण है। मेरी प्रिय रचना यही है क्योंकि मैंने इसे अत्यधिक परिश्रम और ईमानदारी से लिखा है। 
दुर्गा प्र. नौटियाल: आपने किस अवस्था से लिखना शुरू किया? पहली रचना कब और कहाँ छपी थी? 'तब कैसा लगा था? और अब ढेर सारा छपने पर कैसा लग रहा है?

(1) कृति पूर्ण कीजिए :  (2)

(i) 

शिवानी की प्रिय रचना

______
प्रिय होने का कारण ______

(ii) 

(2) 'मेरा परिवार' इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

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Chapter: [0.0208] बातचीत (पूरक पठन)
Concept: बातचीत

निम्नलिखित गदयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

दुर्गा प्र. नौटियालः  आपने अब तक काफी साहित्‍य रचा है। क्‍या आप इससे संतुष्‍ट हैं? 
शिवानी: जहाँ तक संतुष्‍ट होने का संबंध है, मैं समझती हूँ कि किसी को भी अपने लेखन से संतुष्‍ट नहीं होना चाहिए। मैं चाहती हूँ कि ऐसे लक्ष्य को सामने रखकर कुछ ऐसा लिखूँ कि जिस परिवेश को पाठक ने स्‍वयं भोगा है, उसे जीवंत कर दूँ। मुझे तब बहुत ही अच्छा लगता है जब कोई पाठक मुझे लिख भेजता है कि आपने अमुक-अमुक चरित्र का वास्‍तविक वर्णन किया है अथवा फलाँ-फलाँ चरित्र, लगता है, हमारे ही बीच है। लेकिन साथ ही मैं यह मानती हूँ कि लोकप्रिय होना न इतना आसान है और न ही उसे बनाए रखना आसान है। मैं गत पचास वर्षों से बराबर लिखती आ रही हूँ। पाठक मेरे लेखन को खूब सराह रहे हैं। मेरे असली आलोचक तो मेरे पाठक हैं, जिनसे मुझे प्रशंसा और स्‍नेह भरपूर मात्रा में मिलता रहा है। शायद यही कारण है कि मैं अब तक बराबर लिखती आई हूँ।
  1. कृति पूर्ण कौजिए:   (2)



  2. 'परिवेश का प्रभाव व्यक्तित्व पर होता है' विषय 25 से 30 शब्दों अपने विचार लिखिए।   (2)
Appears in 1 question paper
Chapter: [0.0208] बातचीत (पूरक पठन)
Concept: बातचीत

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर "चिंता" कविता का पद्य विश्लेषण कीजिए:

  1. रचनाकार का नाम
  2. रचना की विधा
  3. पसंदीदा पंक्‍ति
  4. पसंद होने का कारण
  5. रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा
Appears in 1 question paper
Chapter: [0.0209] चिंता (पद्य)
Concept: चिंता

निम्नलिखित वाक्य में उचित विरमचिन्ह लगाकर वाक्य फिर से लिखिए:

ऐसा लगता है पुत्‍तर आप कहीं काम करती हो

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Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
Concept: विरामचिह्न

कोष्ठक की सूचना के अनुसार निम्न वाक्य का काल परिवर्तन कीजिए।

आप इन दिनों फ्लाबेर के पत्र पढ़ रहे हैं। (पूर्ण भूतकाल)

Appears in 1 question paper
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
Concept: काल और उनके प्रकार - उपप्रकार

कोष्‍ठक की सूचना के अनुसार निम्‍न वाक्‍य में अर्थ के आधार पर परिवर्तन कीजिए : 

थोड़ी बातें हुईं। (निषेधार्थक वाक्‍य)

Appears in 1 question paper
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
Concept: वाक्‍य के भेद

कोष्‍ठक की सूचना के अनुसार निम्‍न वाक्‍य में अर्थ के आधार पर परिवर्तन कीजिए : 

थोड़ी बातें हुईं। (निषेधार्थक वाक्‍य)

Appears in 1 question paper
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
Concept: वाक्‍य के भेद

निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:

वाह!

Appears in 1 question paper
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
Concept: शब्‍द भेद > विस्‍मयादिबोधक अव्यय

निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:

ओर

Appears in 1 question paper
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
Concept: शब्‍द भेद > अविकारी शब्द (अव्यय)

निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:

किंतु

Appears in 1 question paper
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
Concept: शब्‍द भेद > अविकारी शब्द (अव्यय)

निम्नलिखित सामासिक शब्द का विग्रह करके समास का प्रकार लिखिए:

शब्द समास विग्रह प्रकार
पीतांबर ______ ______
Appears in 1 question paper
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
Concept: समास
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