हिंदी

Commerce (English Medium) कक्षा १२ - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (Core)

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय
Advertisements
Advertisements
Hindi (Core)
< prev  1 to 20 of 358  next > 
कविता एक ओर जग-जीवन का भार लिए घूमने की बात करती है और दूसरी ओर मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ- विपरीत से लगते इन कथनों का क्या आशय है?
[0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Chapter: [0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Concept: undefined > undefined

जहाँ पर दाना रहते हैं, वहीं नादान भी होते हैं- कवि ने ऐसा क्यों कहा होगा?

[0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Chapter: [0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Concept: undefined > undefined

Advertisements

मैं और, और जग और कहाँ का नाता- पंक्ति में और शब्द की विशेषता बताइए।

[0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Chapter: [0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Concept: undefined > undefined

शीतल वाणी में आग- के होने का क्या अभिप्राय है?

[0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Chapter: [0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Concept: undefined > undefined

संसार में कष्टों को सहते हुए भी खुशी और मस्ती का माहौल कैसे पैदा किया जा सकता है?

[0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Chapter: [0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Concept: undefined > undefined

 जयशंकर प्रसाद की आत्मकथ्य कविता की कुछ पंक्तियाँ दी जा रही है। क्या पाठ में दी गई आत्मपरिचय कविता से इस कविता का आपको कोई संबंध दिखाई देता है? चर्चा करें।

आत्मकथ्य
मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी,
उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।
सीवन की उधेड़ कर देखोगे क्यों मेरी कथा की?
छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ?
क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता मैं मौन रहूँ?
सुनकर क्या तुम भला करोगे मेरी भोली आत्म-कथा?
अभी समय भी नहीं, थकी सोई है मोरी मौन व्यथा।

[0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Chapter: [0.0101] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Concept: undefined > undefined
ज़रूरत-भर जीरा वहाँ से ले लिया कि फिर सारा चौक उनके लिए आसानी से नहीं के बराबर हो जाता है- भगत जी की इस संतुष्ट निस्पृहता की कबीर की इस सूक्ति से तुलना कीजिए-
 
चाह गई चिता महँ, मनुआँ बेपरवाहा
जाको कछु नहि चाहिए, सोइ साहन के सतह।।
-कबीर
[0.04] व्याकरण
Chapter: [0.04] व्याकरण
Concept: undefined > undefined

आपने समाचारपत्रों, टी.वी. आदि पर अनेक प्रकार के विज्ञापन देखे होंगे जिनमें ग्राहकों को हर तरीके से लुभाने का प्रयास किया जाता है, नीचे लिखे बिंदुओं के संदर्भ में किसी एक विज्ञापन की समीक्षा कीजिए और यह लिखिए कि आपको विज्ञापन की किस बात से सामान खरीदने के लिए प्रेरित किया।

  1. विज्ञापन में सम्मिलित चित्र और विषय-वस्तु
  2. विज्ञापन में आए पात्र व उनका औचित्य
  3. विज्ञापन की भाषा
[0.05] लेखन कौशल्य
Chapter: [0.05] लेखन कौशल्य
Concept: undefined > undefined

नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश पर ध्यान देते हुए उन्हें पढ़िए-

  1. निर्बल ही धन की ओर झुकता है।
  2. लोग संयमी भी होते हैं।
  3. सभी कुछ तो लेने को जी होता था।

ऊपर दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश 'ही', 'भी', तो निपात हैं जो अर्थ पर बल देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। वाक्य में इनके होने-न-होने और स्थान क्रम बदल देने से वाक्य के अर्थ पर प्रभाव पड़ता है, जैसे-

मुझे भी किताब चाहिए। (मुझे महत्त्वपूर्ण है।)
मुझे किताब भी चाहिए। (किताब महत्त्वपूर्ण है।)
आप निपात (ही, भी, तो) का प्रयोग करते हुए तीन-तीन वाक्य बनाइए। साथ ही ऐसे दो वाक्यों का निर्माण कीजिए जिसमें ये तीनों निपात एक साथ आते हों।

[0.04] व्याकरण
Chapter: [0.04] व्याकरण
Concept: undefined > undefined
______ तो चेहरा चार्ली-चार्ली हो जाता है। वाक्य में चार्ली शब्द की पुनरुक्ति से किस प्रकार की अर्थ-छटा प्रकट होती है? इसी प्रकार के पुनरुक्त शब्दों का प्रयोग करते हुए कोई तीन वाक्य बनाइए। यह भी बताइए कि संज्ञा किन स्थितियों में विशेषण के रूप में प्रयुक्त होने लगती है?
[0.04] व्याकरण
Chapter: [0.04] व्याकरण
Concept: undefined > undefined

नीचे दिए वाक्यांशों में हुए भाषा के विशिष्ट प्रयोगों को पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

  1. सीमाओं से खिलवाड़ करना
  2. समाज से दुरदुराया जाना
  3. सुदूर रूमानी संभावना
  4. सारी गरिमा सुई-चुभे गुब्बारे जैसे फुस्स हो उठेगी।
  5. जिसमें रोमांस हमेशा पंक्चर होते रहते हैं।
[0.04] व्याकरण
Chapter: [0.04] व्याकरण
Concept: undefined > undefined

यशोधर बाबू की पत्नी समय के साथ ढल सकने में सफल होती है लेकिन यशोधर बाबू असफल रहते हैं। ऐसा क्यों?

[0.021] सिल्वर वैडिंग
Chapter: [0.021] सिल्वर वैडिंग
Concept: undefined > undefined

पाठ में ‘जो हुआ होगा ‘ वाक्य की आप कितनी अर्थ छवियाँ खोज सकते/सकती हैं?

[0.021] सिल्वर वैडिंग
Chapter: [0.021] सिल्वर वैडिंग
Concept: undefined > undefined

‘समहाउ इप्रॉपर’ वाक्यांश का प्रयोग यशोधर बाबू लगभग हर वाक्य के प्रारंभ में तकिया कलाम की तरह करते हैं। इस वाक्यांश का उनके व्यक्तित्व और कहानी के कथ्य से क्या सबध बनता है?

[0.021] सिल्वर वैडिंग
Chapter: [0.021] सिल्वर वैडिंग
Concept: undefined > undefined

यशोधर बाबू की कहानी को दिशा देने में किशन दा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आपके जीवन की दिशा देने में किसका महत्वपूर्ण योगदान रहा और कैसे?

[0.021] सिल्वर वैडिंग
Chapter: [0.021] सिल्वर वैडिंग
Concept: undefined > undefined

वर्तमान समय में परिवार की सरंचना, स्वरूप से जुड़ आपके अनुभव इस कहानी से कहाँ तक सामजस्य बैठा पाते है?

[0.021] सिल्वर वैडिंग
Chapter: [0.021] सिल्वर वैडिंग
Concept: undefined > undefined

निम्नलिखित में से किस आप कहानी की मूल सवेदना कहगे/कहगी और क्यों?

  1. हाशिए पर धकेल जाते मानवीय मूल्य
  2. पीढ़ी का अतराल
  3. पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव
[0.021] सिल्वर वैडिंग
Chapter: [0.021] सिल्वर वैडिंग
Concept: undefined > undefined

अपने घर और विद्यालय के आस-पास हो रह उन बदलावों के बारे में लिख जो सुविधाजनक और आधुनिक होते हुए भी बुजुगों को अच्छे नहीं लगते। अच्छा न लगने के क्या कारण होंगे?

[0.021] सिल्वर वैडिंग
Chapter: [0.021] सिल्वर वैडिंग
Concept: undefined > undefined

यशोधर बाबू के बारे में आपकी क्या धारणा बनती है? दिए गए तीन कथनों में से आप जिसके समर्थन में हैं, अपने अनुभवों और सोच के आधार पर उसके लिए तर्क दीजिए

  1. यशोधर बाबू के विचार पूरी तरह से पुराने हैं और वे सहानुभूति के पात्र नहीं हैं।
  2. यशोधर बाबू में एक तरह का द्ववद्व है जिसके कारण नया उन्हें कभी-कभी खींचता तो है पर पुराना छोड़ता नहीं। इसलिए उन्हें सहानुभूति के साथ देखने की जरूरत हैं।
  3. यशोधर बाबू एक आदर्श व्यक्तित्व हैं और नयी पीढ़ी द्वारा उनके विचारों का अपनाना ही उचित हैं।
[0.021] सिल्वर वैडिंग
Chapter: [0.021] सिल्वर वैडिंग
Concept: undefined > undefined

‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी की मूल संवेदना आप किसे मानेंगे-

[0.021] सिल्वर वैडिंग
Chapter: [0.021] सिल्वर वैडिंग
Concept: undefined > undefined
< prev  1 to 20 of 358  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Accountancy
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Business Studies
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Computer Science (Python)
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Economics
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ English Core
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ English Elective - NCERT
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Entrepreneurship
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Geography
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Hindi (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Hindi (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ History
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Informatics Practices
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Mathematics
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Physical Education
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Political Science
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Psychology
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Sanskrit (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Sanskrit (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा १२ Sociology
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×