Advertisements
Chapters

Advertisements
Solutions for Chapter 7: नैकेनापि समं गता वसुमती
Below listed, you can find solutions for Chapter 7 of CBSE NCERT for Sanskrit - Bhaswati Class 12.
NCERT solutions for Sanskrit - Bhaswati Class 12 7 नैकेनापि समं गता वसुमती अभ्यासः [Pages 57 - 61]
एकपदेन उत्तरत
धारराज्ये को जा प्रजाः पर्यपालयत्?
सिन्धुलः कस्यै रज्यम् अयच्छत्?
सिन्धुलः कस्य उत्सङ्गे भोजं मुमोच?
मुञ्जः कं मुख्यामात्यं दूरोकृतवान्?
कः विच्छाय्वदनः अभूत्?
मुञ्जः कं समाकारितवान्?
वत्सराजः भोजं रथे निवेश्य कुत्र नीतवान्?
कृतयुगालद्भारभूतः क आसीत्?
महोदधौ सेतुः केन रचितः?
कः वहौ प्रवेशं निरिचतवान्?
भोजः कस्य पुत्रः आसीत्?
सिन्धुलः किं विचारयामास?
सभायां कीदृशः ब्राह्मणः आगतवान्?
कः भोजस्य जन्मपत्रिकां निर्मितवान्?
मुञ्जः किम् अचिन्तयत्?
वत्सराजः भोजं कुत्र नीतवान्?
वत्सगजः कम् अनमत्?
मुञ्जः कापलिकं किम् उक्तवान्?
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
सिन्धुलस्य भोजः पुत्रः अभवत्।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
सिन्धुलः एन्यं मुञ्जाय॒ अयच्छत्।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
एकदा एकः ब्राह्मणः सभायाम् आगच्छत्।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
मुञ्जः भोजस्य जन्मपत्रिकां अदर्शयत्।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
वत्सराजः भोजं गृहाभ्यन्तरे ररक्ष।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
मुञ्जः वह्नौ प्रवेशं निश्चितवान्।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
मुञ्जः सभामागतं कापालिकं दण्डवत् प्राणमत्।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
भोजः चिरं प्रजाः पालित्तवान्।
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
आलोक्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
संवीक्ष्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
अपहाय | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
दत्तम् | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
विचार्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
दूरीकृत्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
समागत्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
विधाय | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
भोक्तव्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
सम्प्रेष्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
जीव् + शतृ = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
मृ + क्त = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
चिन्त् + तव्यत् = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
हन् + तव्यत् = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
आ + नी + तव्यत् = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
नि + शम् + ल्यप् = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
नम् + क्त्वा = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
आ + कर्ण + ल्यप् = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
नि + क्षिप् + ल्यप् = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
मन् + क्त्वा = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
ज्ञा + क्त्वा = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
नी + क्तवतु = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
आ + पद् + क्त = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
हन् + क्तवतु= ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
आ + दिश् + क्त = ______
उचित अर्थेन साह मेलनं कुरुत-
(क) | निशीथं | गमिष्यति |
(ख) | प्रणिपत्य | समुद्र |
(ग) | निशम्य | समुद्र |
(घ) | पाश्वं | प्रणम्य |
(ङ) | विषिनि | श्रुत्वा |
(च) | दशास्यान्तकः | समीपे |
(छ) | दिवम् | वने |
(ज) | अधीत्य | रमः |
(झ) | महो दधौ | स्वर्गम् |
(ञ) | मस्यति | पठित्वा |
मञ्जूषायां प्रदक्तैः अष्ययश्ञक्यैः रिक्तस्थानानि पूरयत-
तु, एव, तदा, किमर्थम्, पुरा, चिरम् |
______ सिन्धुलः नाम राजा आसीत्। सः ______ प्रजाः पर्यपालयत्। वृद्धावस्थायां तस्य एकः पुत्रः अभवत्। ______ सः अचिन्तयत् ______ न स्वपुत्रं भ्रातुः मुञ्जस्य उत्सङ्खं समर्पयामि। सिन्धुलः पुत्रं मुञ्जस्य उत्सङ्गे समर्प्यं ______ परलोकम् अगच्छत्। सिन्धुले दिवङ्गते मुञ्जस्य मनसि लोभः समुत्पनः। लोभाविष्टः सः "भोजस्य विनाशार्थं उपायं चिन्तितवान्।
उदाहरणानुसारं लिखत-
उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
प्रयच्छामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उयाहरणानुसारं लिखत-
उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
व्यचिन्तयत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
यास्यति | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
मारयिष्यति | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
कथयन्ति | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
भवति | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
असि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
शब्वः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
यथा आत्मनः | आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठौ | एकवचनम् |
पुत्राय | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
शब्वः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
यथा आत्मनः | आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठौ | एकवचनम् |
लोकाः | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
शब्वः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
आत्मनः | आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठौ | एकवचनम् |
भूमौ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
शब्वः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
यथ- |
आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठौ | एकवचनम् |
श्रीमता | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
शब्वः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
यथ- |
आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठौ | एकवचनम् |
महोदधौ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
शब्वः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
यथ- |
आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठौ | एकवचनम् |
वह्नौ | ______ | ______ | ______ | ______ |
विशेषणं विशेष्येण साह योजयत-
(क) | बालम् | राज्यम् |
(ख) | दत्तम् | पुत्रम् |
(ग) | दिवगते | भविष्यवाणीम् |
(घ) | ज्योतिःशास्त्रपारंगतः | राजनि |
(ङ) | इमाम् | वत्सराजम् |
(च) | बद्गदेशाधीश्वरम् | ब्राह्मणः |
(छ) | सन्तप्तः | ब्राह्मणः |
Solutions for 7: नैकेनापि समं गता वसुमती

NCERT solutions for Sanskrit - Bhaswati Class 12 chapter 7 - नैकेनापि समं गता वसुमती
Shaalaa.com has the CBSE Mathematics Sanskrit - Bhaswati Class 12 CBSE solutions in a manner that help students grasp basic concepts better and faster. The detailed, step-by-step solutions will help you understand the concepts better and clarify any confusion. NCERT solutions for Mathematics Sanskrit - Bhaswati Class 12 CBSE 7 (नैकेनापि समं गता वसुमती) include all questions with answers and detailed explanations. This will clear students' doubts about questions and improve their application skills while preparing for board exams.
Further, we at Shaalaa.com provide such solutions so students can prepare for written exams. NCERT textbook solutions can be a core help for self-study and provide excellent self-help guidance for students.
Concepts covered in Sanskrit - Bhaswati Class 12 chapter 7 नैकेनापि समं गता वसुमती are नैकेनापि समं गता वसुमती.
Using NCERT Sanskrit - Bhaswati Class 12 solutions नैकेनापि समं गता वसुमती exercise by students is an easy way to prepare for the exams, as they involve solutions arranged chapter-wise and also page-wise. The questions involved in NCERT Solutions are essential questions that can be asked in the final exam. Maximum CBSE Sanskrit - Bhaswati Class 12 students prefer NCERT Textbook Solutions to score more in exams.
Get the free view of Chapter 7, नैकेनापि समं गता वसुमती Sanskrit - Bhaswati Class 12 additional questions for Mathematics Sanskrit - Bhaswati Class 12 CBSE, and you can use Shaalaa.com to keep it handy for your exam preparation.