Advertisements
Chapters
2: भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना
▶ 3: सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
4: बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में
5: सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप
6: सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ
Chapter 7: परियोजना कार्य के लिए सुझाव
![NCERT solutions for Sociology [Hindi] Class 12 chapter 3 - सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन NCERT solutions for Sociology [Hindi] Class 12 chapter 3 - सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन - Shaalaa.com](/images/sociology-hindi-class-12_6:f37c66cabe274fbda8559d1cce0d39f6.jpg)
Advertisements
Solutions for Chapter 3: सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
Below listed, you can find solutions for Chapter 3 of CBSE NCERT for Sociology [Hindi] Class 12.
NCERT solutions for Sociology [Hindi] Class 12 3 सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन प्रश्नावली [Page 63]
जाति व्यवस्था में पृथक्करण (separation) और अधिक्रम (hierarchy) की क्या भूमिका है?
वे कौन से नियम हैं, जिनका पालन करने के लिए जाति व्यवस्था बाध्य करती है? कुछ के बारे में बताइए।
उपनिवेशवाद के कारण जाति व्यवस्था में क्या-क्या परिवर्तन आए?
किन अर्थों में नगरीय उच्च जातियों के लिए जाति अपेक्षाकृत ‘अदृश्य’ हो गई?
भारत में जनजातियों का वर्गीकरण किस प्रकार किया गया है?
“जनजातियाँ आदिम समुदाय हैं जो सभ्यता से अछूते रहकर अपना अलग-थलग जीवन व्यतीत करते हैं, इस दृष्टिकोण के विपक्ष में आप क्या साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहेंगे?
आज जनजातीय पहचानों के लिए जो दावा किया जा रहा है, उसके पीछे क्या कारण है?
परिवार के विभिन्न रूप क्या हो सकते हैं?
सामाजिक संरचना में होने वाले परिवर्तन पारिवारिक संरचना में किस प्रकार परिवर्तन ला सकते हैं?
मातृवंश (Matriliny) और मातृतंत्र (Matriarchy) में क्या अंतर है? व्याख्या कीजिए।
Solutions for 3: सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
![NCERT solutions for Sociology [Hindi] Class 12 chapter 3 - सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन NCERT solutions for Sociology [Hindi] Class 12 chapter 3 - सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन - Shaalaa.com](/images/sociology-hindi-class-12_6:f37c66cabe274fbda8559d1cce0d39f6.jpg)
NCERT solutions for Sociology [Hindi] Class 12 chapter 3 - सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
Shaalaa.com has the CBSE Mathematics Sociology [Hindi] Class 12 CBSE solutions in a manner that help students grasp basic concepts better and faster. The detailed, step-by-step solutions will help you understand the concepts better and clarify any confusion. NCERT solutions for Mathematics Sociology [Hindi] Class 12 CBSE 3 (सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन) include all questions with answers and detailed explanations. This will clear students' doubts about questions and improve their application skills while preparing for board exams.
Further, we at Shaalaa.com provide such solutions so students can prepare for written exams. NCERT textbook solutions can be a core help for self-study and provide excellent self-help guidance for students.
Concepts covered in Sociology [Hindi] Class 12 chapter 3 सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन are जाति एवं जाति व्यवस्था, सामाजिक संस्थाएँ - निरंतरता एवं परिवर्तन, जनजातीय समुदाय, परिवार और नातेदारी.
Using NCERT Sociology [Hindi] Class 12 solutions सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन exercise by students is an easy way to prepare for the exams, as they involve solutions arranged chapter-wise and also page-wise. The questions involved in NCERT Solutions are essential questions that can be asked in the final exam. Maximum CBSE Sociology [Hindi] Class 12 students prefer NCERT Textbook Solutions to score more in exams.
Get the free view of Chapter 3, सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन Sociology [Hindi] Class 12 additional questions for Mathematics Sociology [Hindi] Class 12 CBSE, and you can use Shaalaa.com to keep it handy for your exam preparation.