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प्रश्न
1.5 T का एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र, 10.0 cm त्रिज्या के बेलनाकार क्षेत्र में विद्यमान है। इसकी दिशा अक्ष के समान्तर पूर्व से पश्चिम की ओर है। एक तार जिसमें 7.0 A विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। इस क्षेत्र में होकर उत्तर से दक्षिण की ओर गुजरती है। तार पर लगने वाले बल का परिमाण और दिशा क्या है, यदि
- तार अक्ष को काटता हो।
- तार N-S दिशा से घुमाकर उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम दिशा में कर दिया जाए,
- N-S दिशा में रखते हुए ही तार को अक्ष से 6.0 cm नीचे उतार दिया जाए।
उत्तर
दिया है, B = 1.5 T, क्षेत्र की त्रिज्या = 10.0 cm,
तार में धारा i = 7.0 A
(a)
इस दशा में तार की l = 2r = 0.20 m लम्बाई चुम्बकीय क्षेत्र से गुजरेगी।
चूँकि क्षेत्र तार की लम्बाई के लम्बवत है,
∴ तार पर बल F = ilB sin 90°
= 7.0 × 0.20 × 1.5 × 1
= 2.1 N
बल की दिशा ऊर्ध्वाधरत: नीचे की ओर होगी।
(b)
इस दशा में तार की लम्बाई चुम्बकीय क्षेत्र दिशा से 45° का कोण बनाएगी।
माना इस दशा में तार की l लम्बाई चुम्बकीय क्षेत्र में गुजरती है, तब
sin 45° = `(2"r")/"l"_1`
`=> "l"_1 = "2r"/(sin 45°) = "l" sqrt2 ...(because "2r" = l)`
∴ तार पर बल F = il1 B sin 45°
`= "il" sqrt2 "B" xx 1/sqrt2 = "ilB"`
= 2.1 N, ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर
(c) माना इस दशा में तार की l2 (लम्बाई) (l2 = AB) चुम्बकीय क्षेत्र से गुजरती है।
ΔOAC में, ∠OCA = 90°
∴ `"AC"^2 = "OA"^2 - "OC"^2 = 10^2 - 6^2 = 64`
⇒ AC = 8 cm ∴ l2 = AB = 2AC = 16 cm = 0.16 m
∴ तार पर बल F = il2B sin 90° = 7.0 × 0.16 × 1.5 = 1.68 N, ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर।
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