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'बीती ताहि बिसार दे आगे की सुधि ले' यह भाव कविता की किस पंक्ति में झलकता है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

'बीती ताहि बिसार दे आगे की सुधि ले' यह भाव कविता की किस पंक्ति में झलकता है?

टीपा लिहा

उत्तर

क्या हुआ जो खिला फूल रस-बसंत जाने पर?

जो न मिला भूल उसे कर तू भविष्य वरण,

इन पंक्तियों में 'बीती ताहि बिसार दे आगे की सुधि ले' का भाव झलकता है।

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छाया मत छूना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 7: गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ४७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
पाठ 7 गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना
प्रश्न-अभ्यास | Q 6 | पृष्ठ ४७

संबंधित प्रश्‍न

भाव स्पष्ट कीजिए -

प्रभुता का शरण-बिंब केवल मृगतृष्णा है,

हर चंद्रिका में छिपी एक रात कृष्णा है।


'छाया' शब्द यहाँ किस संदर्भ में प्रयुक्त हुआ है? कवि ने उसे छूने के लिए मना क्यों किया है?


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कविता में व्यक्त दुख के कारणों को स्पष्ट कीजिए।


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अथवा
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