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'छाया मत छूना’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?अथवा‘छाया मत छूना’ कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

'छाया मत छूना’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
अथवा
‘छाया मत छूना’ कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।

एका वाक्यात उत्तर
सिद्धांत

उत्तर

‘छाया मत छूना’ कविता के माध्यम से कवि यह कहना चाहता है कि जीवन में सुख और दुख दोनों आते-जाते रहते हैं। विगत समय के सुख को याद करके वर्तमान के दुख को बढ़ा लेना अनुचित है। विगत की सुखद काल्पनिकता से जुड़े रहना और वर्तमान के यथार्थ से भागने की अपेक्षा उसकी स्वीकारोक्ति श्रेयकर है। यह कविता अतीत की यादों को भूलकर वर्तमान का सामना करने एवं भविष्य के वरण का संदेश देती है।

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छाया मत छूना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 7: गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
पाठ 7 गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना
अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

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