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कविता में व्यक्त दुख के कारणों को स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

कविता में व्यक्त दुख के कारणों को स्पष्ट कीजिए।

टीपा लिहा

उत्तर

  1. बीती स्मृतियों का स्मरण - मनुष्य बीते सुखों के पलों में खोया रहता है। इससे उसके वर्तमान में चल रहे संघर्ष के क्षणों को काटना दुखदाई होता है क्योंकि वह इसकी तुलना अपनी सुखद स्मृतियों से करता है। जो मनुष्य के लिए कष्टकारी है और दुख का कारण भी।
  2. यशधन एवं सम्मान की चाह  - मनुष्य अपने जीवन में यश, धन व सम्मान को पाने के लिए प्रयत्नशील रहता है। यदि वह यह सब प्राप्त नहीं कर पाता तो दुखी होकर भटकता रहता है। इन सब की चाह भी उसके दुख का कारण है।
  3. प्रभुता की इच्छा - व्यक्ति प्रभुता या बड़प्पन में उलझकर स्वयं को दुखी करता है।
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छाया मत छूना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 7: गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ४७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
पाठ 7 गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना
प्रश्न-अभ्यास | Q 7 | पृष्ठ ४७

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भाव स्पष्ट कीजिए -

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हर चंद्रिका में छिपी एक रात कृष्णा है।


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'छाया मत छूना’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
अथवा
‘छाया मत छूना’ कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।


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