मराठी

भारतीय संस्कृति तथा समाज की क्या विशष्टिताएँ हैं तथा ये बदलाव के ढाँचे को कैसे प्रभावित करते हैं? - Sociology (समाजशास्त्र)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

भारतीय संस्कृति तथा समाज की क्या विशष्टिताएँ हैं तथा ये बदलाव के ढाँचे को कैसे प्रभावित करते हैं?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

  • डी. पी. मुकर्जी ने महसूस किया कि भारत का निर्णायक और विशष्ट लक्षण इसकी सामाजिक व्यवस्था है।
  • उनके अनुसार भारत में इतिहास, राजनीति और अर्थशास्त्र पश्चिम के मुकाबले और आयाम के दृष्टिकोण से कम विकसित थे।
  • पाश्चात्य अर्थ में भारतीय संस्कृति और समाज व्यक्तिवादी नहीं है लेकिन इनमें सामूहिक व्यवहार के प्रतिमान निहित हैं।
  • डी. पी. मुकर्जी का मत है कि भारतीय समाज और संस्कृति का संबंध केवल भूतकाल तक ही सीमित नहीं है। इसे अनुकूलन की प्रक्रिया में भी विश्वास है।
  • डी. पी. मुकर्जी का मत है कि भारतीय संदर्भ में वर्ग संघर्ष जातीय परंपराओं से प्रभावित होता है एवं उसे अपने में सम्मिलित कर लेता है, जहाँ नवीन वर्ग संघर्ष अभी स्पष्ट रूप से उभर कर सामने नहीं
    आया है।
  • डी. पी. मुकर्जी को भारतीय परंपरा जैसे श्रुति, स्मृति और अनुभव में विश्वास था। इन सब में आखिरी अनुभव या व्यक्तिगत अनुभव क्रांतिकारी सिद्धांत है।
  • सामान्यीकृत अनुभव या समूहों का सामूहिक अनुभव भारतीय समाज में परिवर्तन का सर्वप्रमुख सिद्धांत था।
  • उच्च परंपराएँ स्मृति और श्रुति में केंद्रित थी, लेकिन समय-समय पर उन्हें समूहों और संप्रदायों के सामूहिक अनुभवों द्वारा चुनौती दी जा रही है। उदाहरण के लिए, भक्ति आंदोलन। । डी. पी. मुकर्जी के अनुसार, भारतीय संदर्भ में बुद्धि-विचार परिवर्तन के लिए प्रभावशाली शक्ति नहीं है। ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अनुभव एवं प्रेम परिवर्तन के उत्कृष्ट कारक हैं।
  • भारतीय परिप्रेक्ष्य में संघर्ष और विद्रोह सामूहिक अनुभवों के आधार पर कार्य करते हैं।
shaalaa.com
भारतीय समाजशास्त्री
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: भारतीय समाजशास्त्री - अभ्यास [पृष्ठ ११०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 11
पाठ 5 भारतीय समाजशास्त्री
अभ्यास | Q 6. | पृष्ठ ११०

संबंधित प्रश्‍न

अनंतकृष्ण अय्यर और शरतचंद्र रॉय ने सामाजिक मानव विज्ञान के अध्ययन का अभ्यास कैसे किया?


'जनजातीय समुदायों को कैसे जोड़ा जाए’-इस विवाद के दोनों पक्षों के क्या तर्क थे?


भारत में प्रजाति तथा जाति के संबंधों पर हरबर्ट रिजले तथा जी. एस. घूर्य की स्थिति की रूपरेखा दें।


जाति की सामाजिक मानवशास्त्रीय परिभाषा को सारांश में बताएँ।


'जीवंत परंपरा' से डी. पी. मुकर्जी का क्या तात्पर्य है? भारतीय समाजशास्त्रियों ने अपनी परंपरा से जुड़े रहने पर बल क्यों दिया?


कल्याणकारी राज्य क्या है? ए. आर. देसाई कुछ देशों द्वारा किए गए दावों की आलोचना क्यों करते हैं?


समाजशास्त्रीय शोध के लिए ‘गाँव’ को एक विषय के रूप में लेने पर एम. एन. श्रीनिवास तथा लुई डयूमों ने इसके पक्ष तथा विपक्ष में क्या तर्क दिए हैं?


भारतीय समाजशास्त्र के इतिहास में ग्रामीण अध्ययन का क्या महत्व है? ग्रामीण अध्ययन को आगे बढ़ाने में एम. एन. श्रीनिवास की क्या भूमिका रही?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×