मराठी

'जीवंत परंपरा' से डी. पी. मुकर्जी का क्या तात्पर्य है? भारतीय समाजशास्त्रियों ने अपनी परंपरा से जुड़े रहने पर बल क्यों दिया? - Sociology (समाजशास्त्र)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

'जीवंत परंपरा' से डी. पी. मुकर्जी का क्या तात्पर्य है? भारतीय समाजशास्त्रियों ने अपनी परंपरा से जुड़े रहने पर बल क्यों दिया?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

  • डी. पी. मुकर्जी के अनुसार, वह एक परंपरा है। जो भूतकाल से कुछ प्राप्त कर उससे अपने संबंध बनाए रखती है। इसके अतिरिक्त यह नयी चीजों को भी ग्रहण करती है।
  • इस प्रकार जीवंत परंपरा में पुराने और नए तत्वों का मिश्रण है।
  • डी. पी. मुकर्जी ने जिस तथ्य पर बल दिया वह यह है कि भारतीय समाजशास्त्रीयों को जीवंत परंपरा में रुचि रखनी चाहिए ताकि इसका उचित और सार भाव प्राप्त हो सके।
  • भारतीय समाजशास्त्री निम्नलिखित विषयों को अधिक सुलभता से जान सकते है
    • आपके उम्र के बच्चों द्वारा खेला जाने वाला खेल। (लड़का/लड़की)।
    • किसी लोकप्रिय त्योहार को मनाने के तरीके।
  • भातीय समाजशास्त्रीयों का प्रथम कर्तव्य भारत की सामाजिक परंपराओं का अध्ययन करना और जानना है। डी. पी. मुकर्जी के लिए, परंपरा का अध्ययन केवल भूतकाल तक ही सीमित नहीं था। इसके विपरीत वे परिवर्तन की संवेदनशीलता से भी जुड़े थे। डी. पी. मुकर्जी ने जो भी लिखा है, वह भारतीय समाजशास्त्रीयों के लिए पर्याप्त नहीं है। सर्वप्रथम उन्हें भारतीय होना अनिवार्य है। उदाहरण के लिए उन्हें रीति-रिवाजों, रूढ़ियों, प्रथाओं और परंपराओं की जानकारी देनी है। इसका उद्देश्य है संदर्भित सामाजिक व्यवस्था को समझना एवं इसके अंदर तथा बाहर के तथ्यों की जानकारी हासिल करना।
  • डी. पी. मुकर्जी ने तर्क किया कि पाश्चात्य संदर्भ में भारतीय संस्कृति और समाज व्यक्तिवादी नहीं हैं।
  • स्वैच्छिक व्यक्तिगत कार्यों की तुलना में भारतीय सामाजिक व्यवस्था मुख्य रूप से समूह, समुदाय अथवा जाति संबंधी कार्यों के प्रति अभिमुख है।
shaalaa.com
भारतीय समाजशास्त्री
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: भारतीय समाजशास्त्री - अभ्यास [पृष्ठ ११०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 11
पाठ 5 भारतीय समाजशास्त्री
अभ्यास | Q 5. | पृष्ठ ११०

संबंधित प्रश्‍न

अनंतकृष्ण अय्यर और शरतचंद्र रॉय ने सामाजिक मानव विज्ञान के अध्ययन का अभ्यास कैसे किया?


'जनजातीय समुदायों को कैसे जोड़ा जाए’-इस विवाद के दोनों पक्षों के क्या तर्क थे?


भारत में प्रजाति तथा जाति के संबंधों पर हरबर्ट रिजले तथा जी. एस. घूर्य की स्थिति की रूपरेखा दें।


जाति की सामाजिक मानवशास्त्रीय परिभाषा को सारांश में बताएँ।


कल्याणकारी राज्य क्या है? ए. आर. देसाई कुछ देशों द्वारा किए गए दावों की आलोचना क्यों करते हैं?


भारतीय संस्कृति तथा समाज की क्या विशष्टिताएँ हैं तथा ये बदलाव के ढाँचे को कैसे प्रभावित करते हैं?


समाजशास्त्रीय शोध के लिए ‘गाँव’ को एक विषय के रूप में लेने पर एम. एन. श्रीनिवास तथा लुई डयूमों ने इसके पक्ष तथा विपक्ष में क्या तर्क दिए हैं?


भारतीय समाजशास्त्र के इतिहास में ग्रामीण अध्ययन का क्या महत्व है? ग्रामीण अध्ययन को आगे बढ़ाने में एम. एन. श्रीनिवास की क्या भूमिका रही?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×