मराठी

क्या स्वच्छता अभियान का जरुरत गांव से ज्यादा शहरो में है विस्थपिति लोगो बाजदुर बस्तियों स्लमबस छेत्रों शहेरो में बसी झुन्गिओ के बारे में लिखिए - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

क्या स्वच्छता अभियान का जरुरत गांव से ज्यादा शहरो में है विस्थपिति लोगो बाजदुर बस्तियों स्लमबस छेत्रों शहेरो में बसी झुन्गिओ के बारे में लिखिए

टीपा लिहा

उत्तर

Solution not available

shaalaa.com
जहाँ कोई वापसी नहीं
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.07: निर्मल वर्मा (जँहा कोई वापसी नहीं) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १३९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
पाठ 2.07 निर्मल वर्मा (जँहा कोई वापसी नहीं)
प्रश्न-अभ्यास | Q 7. | पृष्ठ १३९

संबंधित प्रश्‍न

अमझर से आप क्या समझते हैं? अमझर गाँव में सूनापन क्यों है?


आधुनिक भारत के 'नए शरणार्थी' किन्हें कहा गया है?


प्रकृति के कारण विस्थापन और औद्योगीकरण के कारण विस्थापन में क्या अंतर है?


यूरोप और भारत की पर्यावरणीय संबंधी चिंताएँ किस प्रकार भिन्न हैं?


लेखक के अनुसार स्वातंत्र्योत्तर भारत की सबसे बड़ी ट्रैजडी क्या है?


औद्योगीकरण ने पर्यावरण का संकट पैदा कर दिया है, क्यों और कैसे?


निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए-
आदमी उजड़ेंगे तो पेड़ जीवित रहकर क्या करेंगे?


निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए-

प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है?


औद्योगीकरण की अनिवार्यता


निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए-

प्रकृति, मनुष्य और संस्कृति के बीच आपसी संबंध


निम्नलिखित पंक्ति का भाव-सौंदर्य लिखिए:

कभी-कभी किसी इलाके की संपदा ही उसका अभिशाप बन जाती है।


निम्नलिखित पंक्ति का भाव-सौंदर्य लिखिए-
अतीत का समूचा मिथक संसार पोथियों में नहीं, इन रिश्तों की अदृश्य लिपि में मौजूद रहता था।


पाठ के संदर्भ में निम्नलिखित अभिव्यक्तियों का अर्थ स्पष्ट कीजिए

मूक सत्याग्रह, पवित्र खुलापन, स्वच्छ मांसलता, औद्योगीकरण का चक्का, नाजुक संतुलन


'किंतु यह भ्रम है ______ डूब जाती हैं।' इस गद्यांश को भूतकाल की क्रिया के साथ अपने शब्दों में लिखिए।


‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के लिए कोई दूसरा शीर्षक लिखें तथा इसे चुनने के लिए अपने तर्क दें।


औद्योगीकरण ने पर्यावरण को कैसे प्रभावित किया है? "जहाँ कोई वापसी नहीं" पाठ के आधार पर बताइए।


निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर सप्रसंग व्याख्या कीजिए।

विकास का यह ‘उजला’ पहलू अपने पीछे कितने व्यापक पैमाने पर विनाश का अंधेरा लेकर आया था, हम उसका छोटा-सा जायज़ा लेने दिल्‍ली में स्थित ‘लोकायन’ संस्था की ओर से सिंगरौली गए थे। सिंगरौली जाने से पहले मेरे मन में इस तरह का कोई सुखद भ्रम नहीं था कि औद्योगीकरण का चक्का, जो स्वतंत्रता के बाद चलाया गया, उसे रोका जा सकता है। शायद पैंतीस वर्ष पहले हम कोई दूसरा विकल्प चुन सकते थे, जिसमें मानव सुख की कसौटी भौतिक लिप्सा न होकर जीवन की जरूरतों द्वारा निर्धारित होती। पश्चिम जिस विकल्प को खो चुका था भारत में उसकी संभावनाएँ खुली थीं, क्योंकि अपनी समस्त कोशिशों के बावजूद अंग्रेजी राज हिंदुस्तान को संपूर्ण रूप से अपनी ‘सांस्कृतिक कॉलोनी’ बनाने में असफल रहा था।

निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -

मेरे लिए एक दूसरी दृष्टि से भी यह अनूठा अनुभव था। लोग अपने गाँवों से विस्थापित होकर कैसी अनाथ, उन्मूलित ज़िंदगी बिताते हैं, यह मैंने हिंदुस्तानी शहरों के बीच बसी मज़दूरों की गंदी, दम घुटती, भयावह बस्तियों और स्लम्स में कई बार देखा था, किंतु विस्थापन से पूर्व वे कैसे परिवेश में रहते होंगे, किस तरह की ज़िंदगी बिताते होंगे, इसका दृश्य अपने स्वच्छ, पवित्र खुलेपन में पहली बार अमझर गाँव में देखने को मिला।

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×