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निम्नलिखित पंक्ति का भाव-सौंदर्य लिखिए-अतीत का समूचा मिथक संसार पोथियों में नहीं, इन रिश्तों की अदृश्य लिपि में मौजूद रहता था। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

निम्नलिखित पंक्ति का भाव-सौंदर्य लिखिए-
अतीत का समूचा मिथक संसार पोथियों में नहीं, इन रिश्तों की अदृश्य लिपि में मौजूद रहता था।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

इस पंक्ति के माध्यम से लेखक ने प्रकृति तथा मनुष्य के मध्य संबंध की घनिष्टता को बहुत ही सुंदर रूप में अभिव्यक्त किया है। शब्दों के मोती भाव को इतनी सुंदरता से व्यक्त करते हैं कि पंक्ति पढ़कर ही मन प्रसन्न हो जाता है। इसमें लेखक बताना चाहता है कि भारतीयों ने प्रकृति के साथ अपने गहरे संबंध को इतिहास में नहीं लिखा है बल्कि उसे रिश्तों में इस प्रकार रचा-बसा लिया है कि उसे अक्षरों की आवश्यकता नहीं है। वह आँखों से ही दिखाई दे जाता है। इसके लिए हमें इतिहास में नहीं बल्कि अपने आस-पास देखने की आवश्यकता है। जो हमारे खानपान, रहन-सहन, वेशभूषा, तीज-त्योहार, रीति-रिवाज़ के माध्यम से अभिव्यक्त होता है।

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जहाँ कोई वापसी नहीं
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पाठ 2.07: निर्मल वर्मा (जँहा कोई वापसी नहीं) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १४०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
पाठ 2.07 निर्मल वर्मा (जँहा कोई वापसी नहीं)
प्रश्न-अभ्यास | Q 10. (ख) | पृष्ठ १४०

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