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प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -
मेरे लिए एक दूसरी दृष्टि से भी यह अनूठा अनुभव था। लोग अपने गाँवों से विस्थापित होकर कैसी अनाथ, उन्मूलित ज़िंदगी बिताते हैं, यह मैंने हिंदुस्तानी शहरों के बीच बसी मज़दूरों की गंदी, दम घुटती, भयावह बस्तियों और स्लम्स में कई बार देखा था, किंतु विस्थापन से पूर्व वे कैसे परिवेश में रहते होंगे, किस तरह की ज़िंदगी बिताते होंगे, इसका दृश्य अपने स्वच्छ, पवित्र खुलेपन में पहली बार अमझर गाँव में देखने को मिला। |
उत्तर
'जहाँ कोई वापसी नहीं' इस गद्यांश में लेखक अपने अनूठे अनुभव का वर्णन कर रहे हैं, जो उन्हें हिंदुस्तानी शहरों के बीच बसी मज़दूरों की जीवनस्तिति के साथ किया जा रहा है।
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विस्थापित लोगों की दशा: लेखक यह दर्शा रहे हैं कि विस्थापित लोग कैसे अपने गाँवों से विस्थापित होकर अनाथ और उन्मूलित होकर जीवन बिता रहे हैं। उनकी दशा कठिन होती है और उन्हें सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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शहरी जीवन और ग्रामीण जीवन की तुलना: लेखक इस गद्यांश में शहरी और ग्रामीण जीवन की तुलना कर रहे हैं। उन्होंने देखा कि इन लोगों का जीवन उनके गाँव के परिवेश से किस तरह से भिन्न होता है और इसका वे खुद अनुभव कर रहे हैं।
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परिवेश का प्रभाव: लेखक इस गद्यांश के माध्यम से दिखा रहे हैं कि कैसे एक व्यक्ति के परिवेश और स्थिति उनकी सोच और दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकते हैं। यह उनके लिए एक नया दृश्य प्रस्तुत करता है और उन्हें अपने जीवन को समझने के लिए एक नई प्रक्रिया में डूबने का मौका देता है।
इस गद्यांश के माध्यम से, लेखक विस्थापित लोगों के जीवन की रूपरेखा को प्रस्तुत करते हैं और यह दिखाते हैं कि इस प्रकार के अनुभव से एक व्यक्ति की सोच और ज्ञान में बदलाव आ सकता है।
Notes
- संदर्भ - 1 अंक
- प्रसंग - 1 अंक
- व्याख्या - 3 अंक
- विशेष - 1 अंक
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