Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नामतालिकां पूरयत ।
ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
संन्यासिनि | ______ | ______ | सप्तमि |
उत्तर
ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
संन्यासिनि | संन्यासिनोः | संन्यासिषु | सप्तमि |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
सुकृतम् - ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
प्रजाजनैः सह कृषिकार्यं कुरु। (लकारं लिखत।)
उत्तरपदं लिखत ।
काकोऽवदत् = काकः + ______ |
उत्तरपदं लिखत ।
जम्बृकोऽयम् = जम्बूकः + ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्यैव ।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सारथिरपि ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
भगवत: वदनं धाम्ना राजते स्म ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान् । (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत ।)
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
मुज्चानि | ______ | ______ | उत्तमः | लोट् |
नामतालिकां पूरयत
ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
______ | दृग्भ्याम् | ______ | चतुर्थी |
तालिकां पूरयत
धातवः | अर्थ : | लकार: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
ज्ञा (९ उ.प.) | अवगच्छति | लट् लोट् | जानीते ______ | जानाते जानावहै |
______ जानामहै |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
पत्रक्रीडायां मनः आसम् अहम् । (बहुवचने लिखत।)
नाम-तालिकापूर्ति कुरुत
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | गृध्रौ | ______ | द्वितीया |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | आवाम्-नौ | ______ | द्वितीया |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
सपासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
बालवीरचमूः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
आयतलोचना | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
चिन्तामग्ना | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अपि भवती संस्कृतं पाठयति? (‘भवती’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत ।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
लिख् (२ प. प.) | लिखितः | ______ | लेखितव्यः | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
रामाभिषेकः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
समुद्रसुता | ______ | ______ |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
______ | ______ | काभ्यः | चतुर्थीं |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
______ | यच्छतः | ______ | परथमः | लट् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्र्यशीतिः - ______।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत ।
२३ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत
७८ - ______
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
मानवताधर्मः | ______ | ______ |
लकारं लिखत ।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुचत् ।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३० - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नव - ______
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
अल्पधी: | ______ | ______ |
सङ्ख्या अक्षरै: लिखत।
१८
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
षटत्रिंशत् -
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
नाम | सर्वनाम |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)