Advertisements
Advertisements
प्रश्न
समासविग्रहाणां समासनामभि: सह मेलनं कुरुत।
समासविग्रह: | समासनाम |
रामस्य अभिषेकः। | इतेतर् द्वन्द्व:। |
न शक्यम्। | कर्मधारयः। |
मृगः च शृगाल: च। | षष्ठी तत्पुरुष:। |
सद्गुणा: एव सत्ति:। | अव्ययीभाव:। |
महान् भागः यस्य स:। | नञ्-तत्पुरुष:। |
क्रमम् अनुसृत्य। | बहुव्रीहिः। |
उत्तर
समासविग्रह: | समासनाम |
रामस्य अभिषेकः। | षष्ठी तत्पुरुष:। |
न शक्यम्। | नञ्-तत्पुरुष:। |
मृगः च शृगाल: च। | इतेतर् द्वन्द्व:। |
सद्गुणा: एव सत्ति:। | कर्मधारयः। |
महान् भागः यस्य स:। | बहुव्रीहिः। |
क्रमम् अनुसृत्य। | अव्ययीभाव:। |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
विभवहीनाः | ______ | ____ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
पत्रपुष्पे | ______ | _____ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
लौहघटिता | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
त्रिलोके | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
राम च लक्ष्मन् च | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
धर्मः च अर्थः च | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
कामः च मोक्षः च | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
मातुः गृहे | ______ | ______ |
समस्तपदं विग्रह वा लिखत-
क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
1. | _________ | महान् वृक्षः |
2. | पुरुषव्याघ्रः | _________ |
3. | _________ | महत् कम्पनम् |
4. | महाविनाशः | _________ |
5. | _________ | रक्तम् उत्पलम् |
6. | पीतपुष्पाणि | _________ |
7. | _________ | घन इव श्यामः |
8. | महोत्सवः | _________ |
9. | _________ | विशालः पर्वतः |
10. | महागौरी | _________ |
अधोलिखितसमस्तपदेभ्यः विग्रहान् विग्रहेभ्यः च समस्तपदानि निर्माय तेषां नामानि अपि लिख्यन्ताम्-
क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
1. | मेघश्यामः | _____________ | _____________ |
2. | _____________ | न युक्तम् | _____________ |
3. | देहाविनाशाय | _____________ | _____________ |
4. | _____________ | नीलं च तत् कमलम् | _____________ |
5. | _____________ | हर्षेण मिश्रितम् | _____________ |
6. | _____________ | कर्कश: ध्वनिः | _____________ |
7. | _____________ | पञ्चानां वटानां समाहारः | _____________ |
8. | पञ्चानां वटानां समाहारः | _____________ | _____________ |
9. | _____________ | स्थिता प्रज्ञा यस्यः सः | _____________ |
10. | _____________ | माता च पिता च | _____________ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत
समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
निद्रमग्नः | ______ | सप्तमी - तत्पुरुषः |
समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
हस्तस्थम् | हस्ते तिष्ठति इति | ______ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत ।
समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
अनावश्यकम | ______ | नञ्-तत्पुरुषः |
समाससविग्रहमणां समासनामाभिः सह मेलनं करुत
समासविग्रहः | समासनाम | ||
(1) | विविधानि बीजानि | (अ) | नञ्-तत्पुरुषः। |
(2) | दिने दिने | (आ) | बहुब्रीहिः। |
(3) | लगुडं हस्ते यस्य सः | (इ) | कर्मधारयः। |
(4) | न इच्छा | (ई) | इतरेतर द्वन्द्व :। |
(5) | चिन्ताया मग्ना | (उ) | अव्ययीभाव:। |
(6) | कवयः च पण्डिताः च | (ऊ) | सप्तमी-तत्परुषः। |
समासविग्रहं कुरुत
शुकसारिकाः - ______
समासविग्रहं कुरुत
सस्यपूर्णम् - ______
समासविग्रहं कुरुत
जलव्यवस्थापनम् - ______
उदाहरणै: रेखाचित्रं पूरयत समाहारद्वन्द्वः
उदाहरणै: रेखाचित्रं पूरयत समाहारद्वन्द्वः
षष्ठी तत्पुरुष समासस्य समस्तपदम् अन्विष्य तत्परितः वर्तुलम् आलिखत।
- क्षेत्रस्य पतिः।
- जलस्य व्यवस्थापनम्।
- राज्ञः धर्मः।
- पुस्तकस्य पठनम्।
- भ्रमणस्य समयः।
- क्रियायाः सिद्धिः।
तालिकां पूरयत ।
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चिन्ताकुल: | ______ | तृतीयातत्पुरुषः। |
तालिकां पूरयत
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
पुस्तकपठनमग्नः | ______ | सप्तमी- तत्पुरुषः । |
तालिकां पूरयत
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
विद्याविहीनः | ______ | सप्तमी- तत्पुरुषः । |
तालिकां पूरयत
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
______ | चरणाभ्यां विकलः | सप्तमी- तत्पुरुषः । |
तालिकां पूरयत
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
______ | पूजायै इदम्। | ______ |
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत ।
विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
पुस्तकपठने मग्नः | षष्ठी तत्पुरुषः |
विद्यया विहीनः | चतुर्थी तत्पुरुषः |
पूजाये इदम् | सप्तमी - तत्पुरुषः |
परागस्य कणा : | तृतीया- तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
मातृसेवा | मातुः सेवा। | ______ |
समासविग्रहाणां समासनामभिः सह मेलनं कुरुत।
समासविग्रहः | समासनाम |
किञ्चित् जानाति इति। | षष्ठी - तत्पुरुषः। |
जलस्य व्यवस्थापनम्। | कर्मधारयः। |
लगुडः हस्ते यस्य सः। | उपपद - तत्पुरुषः। |
कवयः च पण्डिताः च। | अव्ययीभावः। |
अहनि अहनि। | बहव्रीहिः। |
मानवता एव धर्मः। | इतरेतर-द्वन्द्वः। |
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
कुशलवौ सभां प्रविशत:।
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
सव्यवधानं न चारित्रलोपाय।
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
प्रत्यहम् | अहनि अहनि। | ______। |
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
व्याघ्रभल्लूकौ | ______ | इतरेतर द्वन्द्व:। |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
पन्नगभूषण: | ______। | बहुव्रीहि:। |