Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेद्विद्याम् = ______
उत्तर
त्यजेद्विद्याम् = त्यजेत् + विद्याम्।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चानृतम् = ______
सन्धिं कुरुत।
परः + वा + इति = ______
रूपपरिचयं कुरुत।
अम्भसा
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
अम्भः
श्लोकात् सङ्ख्यावाचकानि चिनुत लिखत च।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
पाठकश्चैव = ______ + च + ______।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इतोऽपि = ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
पादतलौ - ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
शुष्कम् × ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
नीचैः × ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वर्तन्ते - ______
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
छात्राः अमरकोषं कण्ठस्थं कुर्वन्ति स्म। ('स्म' निष्कासयत)
समानार्थकशब्दं लिखत।
अमरकोषः - ______
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
छात्राः ग्रन्थालये विविधं पुस्तकानि पश्यन्ति।
योग्यविशेषणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
अमरकोषे ______ काण्डानि सन्ति।
श्लोकात् 'क्त' प्रत्ययान्तरूपाणि (क. भू. धा. वि.) चिनुत लिखत च।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक -शब्दैः पुनः लिखत।
हरिणः शष्पाणि भक्षयति तथापि व्याधः तस्य शत्रुः भवति।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक-शब्दैः पुनः लिखत।
मत्स्यः जलं पिबति तथापि धीवरः तस्य रिपुः भवति।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
पश्यसि - ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
अहं लगुडेन कुक्कुरं ताडयिष्यामि। (लृट्स्थाने लिङ्प्रयोगं कुरुत)
समानार्थकशब्दं लिखत।
कृपणः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुवर्णम् - ______
समस्तपदं कुरुत।
कोपेन आविष्टः - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अन्ये मुनयः वेदान्तज्ञानार्थं वाल्मीकिऋषिम् उपगच्छन्ति।
विशेषण-विशेष्य-मेलनं कुरुत।
विशेष्यम् | विशेषणम् |
सहचरः | पोषितौ |
विलापः | अश्रुतपूर्वा |
कुशलवौ | करुणः |
वाणी | निश्चेष्टः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
इ/ई + इ/ई = ई
______ + इव = नदीव।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
तौ + ______ = तावपि।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
तव + ______ = तवौदार्यम्।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
अहं शाकानि कर्तितवान्।
लङ्लकारस्य स्थाने क्तवतु-रूपाणि योजयित्वा परिच्छेदं लिखत।
गते रविवासरे वयं सर्वे भ्रमणार्थम् अगच्छाम। मातुलः विविधफलानि आनयत्। भ्रातरः क्रीडासाहित्यं समचिन्वन्। पितृव्या कूप्यः अपूरयत। अन्ये यानेन अगच्छन्। अहं मम पित्रा सह द्विचक्रिकया अगच्छम्।तत्र वयं विविधाः क्रीडाः अक्रीडाम। मातुलानी मधुरं गीतम् अगायत्। भगिन्यः अपि बहूनि गीतानि अगायन्। मध्याहे माता कटम् अस्थापयत् भोजनसाहित्यं च अरचयत।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
(नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
(कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
(उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
(स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
चतुर्थं पदं लिखत।
अम्बु - अम्बूनि :: वस्तु - ______।
हेत्वर्थक-अव्ययानि प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
भार्गवः ______ (स्ना) गङ्गानदी गच्छति।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
कविः काव्यं विरचय्य गायेत्।
तालिकां पूरयत।
क्रियापदम् | मूलधातुः | गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
१. क्षमस्व | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
२. लभताम् | ______ | १ आ.प. | ______ | ______ | ______ |
३. नृत्यन्तु | ______ | ______ | ______ | ______ | बहुवचनम् |
४. रचय | रच् | ______ | ______ | ______ | ______ |
५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
६. लिखत | ______ | ६ प. प. | ______ | ______ | ______ |
७. गायाम | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
८. भवन्तु | ______ | ______ | ______ | प्रथम | ______ |
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
यः गणपतिस्तोत्रं जपेत् सः षडभिः मासैः फलं लभेत।
तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | ______ | जगन्ति | प्रथमा |
अप्सरसा | ______ | ______ | तृतीया |
______ | ______ | मरुत्सु | सप्तमी |
______ | भूभृतोः | ______ | षष्ठी |
सरितः | ______ | ______ | पञ्चमी |
______ | तेजसी | ______ | द्वितीया |
______ | ______ | उषस्सु | सप्तमी |
योग्यं रूपं लिखत।
आयुर्वेदः ______ (जगत्) विख्यातः।
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
पुं. | स्त्री. | नपुं. |
______ | ______ | ______ |
दुर्वासस्, उषस्, तपस्, अम्भस्, तेजस् ओजस्, नभस्, यशस्, स्रोतस्, वेधस्, वयस्, वासस्, पयस्, चेतस्, मनस्।
समस्तपदं लिखत।
कल्पनाम् अतीतः - ______
समस्तपदं लिखत।
चोरात् भयम् - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
विकल - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
जनैः पूजा ______। (कृ)
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
अनया कथा ______। (रच्)
नाम-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | ______ | चन्दमस्सु | सप्तमी |
विद्युते | ______ | ______ | चतुर्थी |
______ | पयसी | ______ | प्रथमा |
लकार-तालिकां पूरयत।
लोट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
करोतु | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
______ | पूजयतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
______ | ______ | गच्छाम | उत्तमपुरुषः |
लकार-तालिकां पूरयत।
लिङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
______ | रक्षेतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
______ | ______ | विद्येमहि | उत्तमपुरुषः | |
भवेत् | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + एतत् = खल्वेतत्।
सन्धिकोषः।
कुर्यात्तदासनं = कुर्यात् + ______ + ______।
सन्धिकोषः।
स्थैर्यमारोग्यं = ______ + आरोग्यम्।
सन्धिकोषः।
जनसङ्गश = ______ + च।
सन्धिकोषः।
सर्वमेव = सर्वम् + ______।
सन्धिकोषः।
यत्रैतास्तु = ______ + एताः + ______।
सन्धिकोषः।
______ = क्रियावान् + सः।
सन्धिकोषः।
स्वदेशमपाहरन् = ______ + अपाहरन्।
सन्धिकोषः।
किङ्करो नैकोऽपि = ______ + नैकः + ______।
सन्धिकोषः।
शास्त्रविमुखाश्च = ______ + च।
सन्धिकोषः।
शक्रादपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
ततोऽजाभिः = ततः + ______।
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
सन्धिकोषः।
राज्याभिषेकादनन्तरम् = राज्याभिषेकात् + ______।
सन्धिकोषः।
त्रयीविद्यामपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
______ = यथा + एव।
सन्धिकोषः।
विश्रान्तास्मि = ______ + अस्मि।
'सर्व' नपुंसकलिङ्गं सर्वनाम।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
सर्वम् | ______ | ______ | प्रथमा |
सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
केवलं प्रथमपुरुषस्य क्रियापदेन सह उपयुज्यते किन्तु मध्यमपुरुषस्य दर्शकम्। यथा -
कर्तृपदम् | लट्लकारः | लङ्लकारः | लोट्लकारः | विधिलिङ्लकारः |
भवान्/भवती | ______ | ______ | ______ | ______ |
त्वम् | ______ | ______ | ______ | ______ |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
अभितः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
उभयतः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
सह = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
गम् = ______