मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ७ वी

स्त्री शिक्षा का इनपर क्या प्रभाव पड़ता है, लिखो : स्वयं, परिवार, समाज, देश - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

 

दीर्घउत्तर

उत्तर

एक बेटी शिक्षित होती है तो वह शिक्षा का उपयोग अपने पूरे परिवार को साक्षर बनाने व उसके हित के लिए करती है। शिक्षा के कारण ही वह स्वयं के अधिकारों को सुरक्षित करती है और स्वयं को सक्षम बनाती है। आज की शिक्षित बेटी ही कल की कुशल गृहिणी (स्त्री) है। स्त्री शिक्षित होगी तो वह अपने घर की समस्याओं का समाधान स्वयं कर सकती है। इससे परिवार आसानी से चलता रहेगा। स्त्रियों की भागीदारी से देश का आर्थिक विकास और सकल घरेलू उत्पादन बढ़ जाता है। स्त्री की शिक्षा गरीबी पर नियंत्रण करने का एक प्रभावी उपाय है। इसके साथ ही घरेलू हिंसा व सामाजिक अत्याचार का शिकार होने वाली स्त्री यदि शिक्षित होगी, तो वह इस तरह की घटनाओं पर अपनी सक्षमता से नियंत्रण पा सकेगी। संतान की पहली गुरु उसकी माँ होती है। अत: स्त्री की शिक्षा का असर स्वयं के साथ-साथ परिवार, समाज व देश की पीढ़ी पर पड़ेगा। अहिल्याबाई होलकर, सावित्रीबाई फुले, कल्पना चावला जैसी स्त्रियों का योगदान ही स्त्री शिक्षा के प्रभाव का सर्वोत्तम उदाहरण है। इनके कार्यों के पीछे इनकी शिक्षा का महत्त्व था। संक्षेप में कह सकते हैं कि यदि स्त्री शिक्षित होगी तो वह अपने साथ ही परिवार, समाज व देश के विकास में संपूर्ण व महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.02: बेटी युग - स्वयं अध्ययन [पृष्ठ ३०]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Sulabhbharati 7 Standard Maharashtra State Board
पाठ 2.02 बेटी युग
स्वयं अध्ययन | Q (१) | पृष्ठ ३०
बालभारती Integrated 7 Standard Part 3 [Marathi Medium] Maharashtra State Board
पाठ 3.2 बेटी युग
पाठ्य प्रश्न | Q ९. | पृष्ठ ५९

संबंधित प्रश्‍न

मैंने समझा हे मातृभूमि कविता से 


अंतरजाल से डॉ. रामकुमार वर्मा जी से संबंधित अन्य साहित्‍यिक जानकारियाँ प्राप्त करो।


मैंने समझा पूर्ण विश्राम पाठ से 


कोई साप्ताहिक पत्रिका अनियमित रूप में प्राप्त होने के विरोध में शिकायत करते हुए संपादक को निम्‍न प्रारूप में पत्र लिखो :

पत्र का प्रारूप
(औपचारिक पत्र)

दिनांक :
प्रति,

______
______

विषय : ______
संदर्भ : ______
महोदय,
विषय विवेचन

       __________________________________________________

भवदीय/भवदीया,

____________

नाम : ____________
पता : ____________
        ____________

ई-मेल आईडी : ____________


मैंने समझा अनमोल वाणी कविता से 


पानी, वाणी, दूध इन शब्‍दों का उपयोग करते हुए कोई कविता लिखो।


मैंने समझा दो लघुकथाएँ पाठ से 


निम्‍नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दो। 


निम्‍न मुद्दों के आधार पर विज्ञापन लिखो :

स्‍थल/जगह, संपर्क, पुस्तक मेला, दिनांक, समय


संदर्भ स्रोतों द्‌वारा निम्न रोगों से बचने के लिए दिए जाने वाले टीकों की जानकारी सुनो और संकलित करो :

रोग टीका रोग टीका
तपेदिक(टीबी)  बी.सी.जी टायफॉइड (मोतीझरा) ______
डिप्थीरिया ______ रुबेला ______
खसरा ______ हैपेटाइटिस ए ______
रोटावायरस ______ टिटनस ______

।। सत्यमेव जयते ।।


यदि तुम पशु-पक्षियों की बोलियाँ समझ पाते तो ..... 


यदि मैं पुस्तक होता/होती तो ......


हमारी सोच सकारात्मक होनी चाहिए।


किसी एक संस्मरणीय घटना का वर्णन करो।


बस/रेल स्थानक की सूचनाऍं ध्यानपूर्वक सुनकर सुनाओ।


खादी का कपड़ा कैसे बनाया जाता है इसकी जानकारी प्राप्त करके लिखो।


चित्रों को पहचानकर जलचर, नभचर, थलचर और उभयचर प्राणियों में वर्गीकरण करो।


यदि हिमालय की बर्फ पिघलना बंद हो जाए तो .....


Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।

आपकी दादी एक लम्बी बीमारी के बाद अभी-अभी स्वस्थ हुई थीं। आप उन्हें घुमाने के लिए किसी प्रसिद्ध स्थल पर ले गए। वहाँ अचानक एक ऐसी घटना घटी जिससे आप बुरी तरह से घबरा गए लेकिन आपकी दादी की हिम्मत और सूझ-बूझ के कारण आप उस मुसीबत से बाहर निकले और सकुशल घर वापस आ गए। विस्तारपुर्वक अपने अनुभव का वर्णन कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×