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प्रश्न
उत्तर की ओर 10 ms-1 की एकसमान आरंभिक चाल से गतिमान 0.40 kg संहति के किसी पिण्ड पर दक्षिण दिशा के अनुदिश 8.0 N का स्थायी बल 30 s के लिए आरोपित किया गया है। जिस क्षण बल आरोपित किया गया उसे t = 0 तथा उस समय पिण्ड की स्थिति x = 0 लीजिए। t = – 5 s, 25 s, 100 s पर इस कण की स्थिति क्या होगी?
उत्तर
उत्तर दिशा को धनात्मक (X - अक्ष) तथा दक्षिण दिशा को ऋणात्मक (Y - अक्ष) लेते हुए t = 0 पर प्रारंभिक वेग ν0 = 10 मी/से
बल, F = - 8.0 न्यूटन (∵ बल न्यूटन बल की दिशा की ओर है)
पिण्ड में मंदक, `"a"= "F"/"m"`
= `(-8.0 "न्यूटन")/(0.40 "kg")`
= `20 "मी"//"से"^2`
अर्थात यह दक्षिण दिशा में है। चूँकि पिण्ड पर बल t = 0 पर कार्य करने लगता है। अतः t = -5 सेकंड पर पिण्ड पर कोई बल न लगने के कारण पिण्ड में त्वरण a = 0
(i) ∴ t = -5 सेकंड पर,
गति के समीकरण से, `"x"_"t" = "x"_0 + "ν"_0 xx "t" + 1/2 "a""t"^2`
`"x"_"t" = 0 + 10 xx -5 + 1/2(0)(-5)^2`
= -50 मी
अर्थात 50 मी पर दक्षिण की ओर।
(ii) t = 25 सेकंड पर,
`"x"_25 = [0 + 10 xx 25 + 1/2 (-20) xx (25)^2]` मी
= (250 - 6250)
= - 6000 मी
= - 6.0 किमी
अर्थात 6.0 मी पर दक्षिण की ओर।
चूँकि पिण्ड पर बल केवल 30 सेकंड तक कार्य करता है, अतः 30 सेकंड पश्चात पिण्ड इस एक समान चाल से चलेगा जिसको यह t = 30 सेकंड पर प्राप्त कर लेगा।
(iii) ∴ `"ν"_"t" = "ν"_0 + "at"` से,
`"ν"_30 = 10 + (-20)30 = -590 "मी"//"से"`
∴ t = 30 सेकंड पर,
`"x"_30 = [10 xx 30 + 1/2 (-20) 30^2]` मी = -8700 मी
तथा शेष 70 सेकंड में वस्तु नियत वेग (-590 मी/से) से चलती है।
दूरी `"x"_70 = (-590 "मी/से") (70 "से") = -41300 "मी"`
∴ t = 100 सेकंड पर,
`"x"_100 = -41300 "मी" + ("x"_30)`
= -41300 मी + (-8700 मी)
= -50000 मी = -50 किमी
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निम्नतम बिंदु पर | उच्चतम बिंदु पर | |
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(ii) | mg + T1 | mg - T2 |
(iii) | `"mg" + "T"_1 - ("m""ν"_1^2//"R")` | `"mg" - "T"_2 + ("m""ν"_2^2//"R")` |
(iv) | `"mg" - "T"_1 - ("m""ν"_1^2//"R")` | `"mg" + "T"_2 + ("m""ν"_2^2//"R")` |
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