Advertisements
Advertisements
Question
ऐमीनो अम्लों की उभयधर्मी प्रकृति को आप कैसे समझाएँगे?
Solution
ऐमीनो अम्ल में एक कार्बोक्सिल समूह (अम्लीय) तथा एक ऐमीन समूह (क्षारीय) समान अणु में पाए जाते हैं। जलीय विलयन में −COOH समूह एक H+ खोता है तथा −NH2, समूह इसे स्वीकार करता है। इस प्रकार ज़्विटर आयन (zwitter ion) का निर्माण होता है।
\[\begin{array}{cc}
\ce{H2N-CH-COOH -> H3\overset{+}{N}-CH-COO-}\\
\phantom{.}|\phantom{.......................}|\phantom{.....}\\
\phantom{.}\ce{R}\phantom{....................}\ce{\underset{{ज़्विटर आयन}}{R}}\phantom{}
\end{array}\]
द्विध्रुवीय या ज़्विटर आयन संरचना के कारण ऐमीनो अम्ल उभयधर्मी (amphoteric) प्रकृति के होते हैं। ऐमीनो अम्ल की अम्लीय प्रकृति \[\ce{\overset{+}{N}H3}\] के कारण होती है तथा क्षारीय प्रकृति COO– समूह के कारण होती है।
\[\begin{array}{cc}\\
\ce{H3\overset{+}{N}-CH-COOH <=>[OH-][H+] H3\overset{+}{N}-CH-COO- <=>[OH-][H+] H2N-CH-COO-}\\
\phantom{}|\phantom{......................}|\phantom{......................}|\phantom{....}\\
\phantom{...}\ce{\underset{I}{R}}\phantom{...................}\ce{\underset{{ज़्विटर आयन}}{R}}\phantom{................}\ce{\underset{II}{R}}\phantom{.......}
\end{array}\]
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
चिकित्सार्थ अभिकर्ता (therapeutic agents) के रूप में प्रयोग में आने वाले प्रोटीन का पता लगाइए व सूचीबद्ध कीजिए। प्रोटीन की अन्य उपयोगिताओं को बताइए। (जैसे-सौन्दर्य-प्रसाधन आदि)।
ऐमीनो अम्लों के गलनांक एवं जल में विलेयता सामान्यतः संगत हैलो अम्लों की तुलना में अधिक होती है। समझाइए।
अंडे को उबालने पर उसमें उपस्थित जल कहाँ चला जाता है?
आवश्यक तथा अनावश्यक ऐमीनो अम्ल क्या होते हैं? प्रत्येक प्रकार के दो उदाहरण दीजिए।
प्रोटीन के संदर्भ में निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए।
पेप्टाइड बंध
प्रोटीन के संदर्भ में निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए।
प्राथमिक संरचना
प्रोटीन के संदर्भ में निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए।
विकृतीकरण
प्रोटीन की α-हेलिक्स संरचना के स्थायीकरण में कौन-से आबंध सहायक होते हैं?
रेशेदार तथा गोलिकाकार (globular) प्रोटीन को विभेदित कीजिए।
प्रोटीन की संरचना पर विकृतीकरण का क्या प्रभाव होता है?