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अष्टक नियम के महत्त्व और सीमाओं को लिखिए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

अष्टक नियम के महत्त्व और सीमाओं को लिखिए।

Answer in Brief

Solution

अष्टक नियम का महत्त्व (Significance of Octet Rule) अष्टक नियम अत्यन्त उपयोगी है। इसका महत्त्व निम्नवर्णित है-

  1. अधिकांश अणु अष्टक नियम का अनुसरण करके ही निर्मित होते हैं; जैसे- O2, N2, Cl2, Br2, आदि।
  2. अधिकांश कार्बनिक यौगिकों की संरचनाओं को समझने में अष्टक नियम का अत्यधिक महत्त्व है।
  3. इसे मुख्य रूप से आवर्त सारणी के द्वितीय आवर्त के तत्वों पर लागू किया जा सकता है।

अष्टक नियम की सीमाएँ (Limitations of Octet Rule) यद्यपि अष्टक नियम अत्यंत उपयोगी है, परंतु यह सदैव लागू नहीं किया जा सकता अर्थात् यह सार्वत्रिक (universal) नहीं है। अष्टक नियम के तीन प्रमुख अपवाद निम्नलिखित हैं-

(1) केंद्रीय परमाणु का अपूर्ण अष्टक (Incomplete octet of central atom) - कुछ यौगिकों में केंद्रीय परमाणु के चारों ओर उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या आठ से कम होती है। यह मुख्यत: उन तत्त्वों के यौगिकों में होता है जिनमें संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या चार से कम होती है। उदाहरण के लिए- LiCl2BeH2 तथा BCl3 के बनने में,

Li, Be तथा B के संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्रमशः 1, 2 तथा 3 हैं। इस प्रकार के अन्य उदाहरण AICl3 तथा BF; हैं।

(2) विषम इलेक्ट्रॉन अणु (Odd electron molecule) - उन अणुओं, जिनमें इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या विषम (odd) होती है; जैसे-नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) तथा नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) में सभी परमाणु अष्टक नियम का पालन नहीं कर पाते।

(3) प्रसारित अष्टक (Expanded octet) - आवर्त सारणी के तीसरे तथा इससे आगे के आवर्ती के तत्वों में आबंधन के लिए 3s तथा 3p-कक्षकों के अतिरिक्त 3d-कक्षक भी उपलब्ध होते हैं। इन तत्त्वों के अनेक यौगिकों में केंद्रीय परमाणु के चारों ओर आठ से अधिक इलेक्ट्रॉन होते हैं। इसे प्रसारित अष्टक (expanded octet) कहते हैं। स्पष्ट है कि इन यौगिकों पर अष्टक नियम लागू नहीं होता है। ऐसे यौगिकों के कुछ उदाहरण हैं- PF5, SF6, H2SO4 तथा कई उपसहसंयोजक यौगिक।


P परमाणु के चारों ओर 10 इलेक्ट्रॉन हैं।


S परमाणु के चारों ओर 12 इलेक्ट्रॉन हैं।


S परमाणु के चारों ओर 12 इलेक्ट्रॉन हैं।

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रासायनिक आबंधन की कासेल-लुइस अवधारणा
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Chapter 4: रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना - अभ्यास [Page 133]

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NCERT Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
Chapter 4 रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना
अभ्यास | Q 4.5 | Page 133

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निम्नलिखित परमाणु तथा आयन के लूइस बिंदु प्रतीक लिखिए।

S और S2−


निम्नलिखित अणु तथा आयन की लूइस संरचनाएँ लिखिए-

H2S


निम्नलिखित परमाणुओं से इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा धनायनों तथा ऋणायनों में विरचन को लूइस बिंदु-प्रतीकों की सहायता से दर्शाइए-

Ca तथा O


निम्नलिखित परमाणुओं से इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा धनायनों तथा ऋणायनों में विरचन को लूइस बिंदु-प्रतीकों की सहायता से दर्शाइए-

Al तथा N


विद्युत-ऋणात्मकता को परिभाषित कीजिए।


CH3COOH की नीचे दी गई ढाँचा-संरचना सही है, परंतु कुछ आबंध त्रुटिपूर्ण दर्शाए गए है। ऐसिटिक अम्ल की सही लूइस-संरचना लिखिए-

\[\begin{array}{cc}
\phantom{...}\ce{H}\phantom{..}\ce{:O:}\phantom{......}\\
\phantom{}|\phantom{....}|\phantom{.....}\\
\ce{H = C - \underset{\bullet\bullet}{C} - \underset{\bullet\bullet}{O} - H}\\
|\phantom{.........}\\
\ce{H}\phantom{.........}
\end{array}\]


निम्नलिखित परमाणु तथा आयन के लूइस बिंदु प्रतीक लिखिए।

AI और Al3+


निम्नलिखित अणु तथा आयन की लूइस संरचनाएँ लिखिए-

BeF2


निम्नलिखित अणु तथा आयन की लूइस संरचनाएँ लिखिए-

\[\ce{CO^{2-}3}\]


निम्नलिखित अणु तथा आयन की लूइस संरचनाएँ लिखिए-

HCOOH


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