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Question
भाव स्पष्ट कीजिए -
जिसके अरुण कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।
अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।
Solution
कवि अपनी प्रेयसी के सौंदर्य का वर्णन करते हुए कहता है कि नायिका के कपोल अर्थात् गाल में इतनी लालिमा थी कि उषा भी उसमें अपना सुहाग ढूँढती थी। अत: नायिका का सौंदर्य अनुपम था।
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