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भाव स्पष्ट कीजिए - मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया। आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया। - Hindi Course - A

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Question

भाव स्पष्ट कीजिए -

मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया।

आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया।

Short Note

Solution

 कवि कहना चाहता है कि उसे वह सुख नहीं मिल सका जिसकी वह कल्पना कर रहा था। उसे सुख मिलते-मिलते रह गया। अर्थात् इस दुनिया में सुख छलावा मात्र है। हम जिसे सुख समझते हैं वह अधिक समय तक नहीं रहता है, स्वप्न की तरह जल्दी ही समाप्त हो जाता है।

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आत्मकथ्य
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Chapter 4: जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य - प्रश्न-अभ्यास [Page 29]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
Chapter 4 जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य
प्रश्न-अभ्यास | Q 4.1 | Page 29

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भाव स्पष्ट कीजिए -

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