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'आत्मकथ्य' कविता की काव्यभाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए। - Hindi Course - A

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Question

'आत्मकथ्य' कविता की काव्यभाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।

Short Note

Solution

'जयशंकर प्रसाद' द्वारा रचित कविता 'आत्मकथ्य' की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

(1) प्रस्तुत कविता में कवि ने खड़ी बोली हिंदी भाषा का प्रयोग किया है -

"यह लोकरते ही रहते हैं अपना व्यंग्य-मलिन उपहास।"

(2) अपने मनोभावों को व्यक्त कर उसमें सजीवता लाने के लिए कवि ने कविता में बिम्बों का प्रयोग किया है; जैसे -

"जिसके अरुण-कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।

अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।"

(3) प्रस्तुत कविता में कवि ने ललित, सुंदर एवं नवीन शब्दों का प्रयोग किया है -

"यह विडंबनाअरी सरलते तेरी हँसी उड़ाऊ में।

भूले अपनी या प्रवंचना औरों की दिखलाउँ मैं।"

यहाँ-विडंबना, प्रवंचना जैसे नवीन शब्दों का प्रयोग किया गया है जिससे काव्य में सुंदरता आई है।

(4) अलंकारों के प्रयोग से काव्य सौंदर्य बढ़ गया है -

• खिल-खिलाकरआते-आते में पुनरुक्ति अलंकार का प्रयोग किया गया है।

• अरुणकपोलों में रुपक अलंकार है।

• मेरी मौनअनुरागी उषा में अनुप्रास अलंकार है।

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आत्मकथ्य
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Chapter 4: जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य - प्रश्न-अभ्यास [Page 29]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
Chapter 4 जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य
प्रश्न-अभ्यास | Q 6 | Page 29

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कवि आत्मकथा लिखने से क्यों बचना चाहता है?


भाव स्पष्ट कीजिए -

मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया।

आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया।


कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था उसे कविता में किस रूप में अभिव्यक्त किया है?


आप किन व्यक्तियों की आत्मकथा पढ़ना चाहेंगे और क्यों?


‘मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ’ किसका प्रतीक हैं? ये किसका बोध करा रही हैं?


‘असंख्य जीवन-इतिहास’ कहकर कवि किस ओर संकेत करना चाहता है?


कवि के मित्र उससे क्या आग्रह कर रहे थे? वह इस आग्रह को पूरा क्यों नहीं करना चाहता था?


कवि को अपनी गागर रीती क्यों लगती है?


कवि किसकी हँसी नहीं उड़ाना चाहता है और क्यों?


उन तथ्यों का उल्लेख कीजिए जिनका उल्लेख कवि अपनी आत्मकथा में नहीं करना चाहता है?


कवि ने अपने जीवन की उज्ज्वल गाथा किसे कहा है?


‘अनुरागिनी उषा लेती थी, जिन सुहाग मधुमाया, में’ के आलोक में कवि ने अपनी पत्नी के विषय में क्या कहना चाहता है?


‘आत्मकथ्य’ कविता के माध्यम से ‘प्रसाद’ जी के व्यक्तित्व की जो झलक मिलती है, वह उनकी ईमानदारी और साहस का प्रमाण है, स्पष्ट कीजिए।


आत्मकथा लिखने के लिए किन गुणों की आवश्यकता होती है? कवि के लिए यह कार्य कठिन क्यों था? सोचकर लिखिए।


'आत्मकथ्य' से उद्धृत निम्नलिखित काव्य-पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए -

“उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।”


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