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जिंक और तनु HCl की अभिक्रिया में बनी हाइड्रोजन के आयतन और समय के मध्य ग्राफ चित्र में दिया है। इसके आधार पर सही उत्तर पर निशान लगाइए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

जिंक और तनु HCl की अभिक्रिया में बनी हाइड्रोजन के आयतन और समय के मध्य ग्राफ चित्र में दिया है। इसके आधार पर सही उत्तर पर निशान लगाइए।

Options

  • 40 सेकंड तक औसत दर है `("V"_3 - "V"_2)/40`

  • 40 सेकंड तक औसत दर है `("V"_3 - "V"_2)/(40 - 30)`

  • 40 सेकंड तक औसत दर है `"V"_3/40`

  • 40 सेकंड तक औसत दर है `("V"_3 - "V"_1)/(40 - 20)`

MCQ

Solution

40 सेकंड तक औसत दर है `"V"_3/40`

स्पष्टीकरण -

प्रतिक्रिया के लिए औसत दर = `("H"_2 "की सांद्रता में परिवर्तन")/("समय में बदलाव")`

= `("अंतिम सांद्रता - प्रारंभिक सांद्रता")/("अंतिम समय - प्रारंभिक समय")`

ग्राफ रेखा का विश्लेषण करना जहाँ समय और आयतन प्रतिच्छेद करते हैं।

= `("V"_3 - 0)/(40 - 0)`

= `"V"_3/40`

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रासायनिक अभिक्रिया वेग
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Chapter 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [Page 51]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q I. 8. | Page 51

RELATED QUESTIONS

\[\ce{2A -> {उत्पाद}}\], अभिक्रिया में A की सांद्रता 10 मिनट में 0.5 mol L−1 से घटकर 0.4 mol L−1 रह जाती है। इस समयांतराल के लिए अभिक्रिया वेग की गणना कीजिए।


डाइमेथिल ईथर के अपघटन से CH4, H2 तथा CO बनते हैं। इस अभिक्रिया का वेग निम्नलिखित समीकरण द्वारा दिया जाता है –

वेग = k [CH3OCH3]3/2

अभिक्रिया के वेग का अनुगमन बंद पात्र में बढ़ते दाब द्वारा किया जाता है, अतः वेग समीकरण को डाइमेथिल ईथर के आंशिक दाब के पद में भी दिया जा सकता है। अतः

वेग = `k(P_(CH_3OCH_3))^(3/2)`

यदि दाब को bar में तथा समय को मिनट में मापा जाए तो अभिक्रिया के वेग एवं वेग स्थिरांक की इकाइयाँ क्या होंगी?


\[\ce{2A + B -> C + D}\] अभिक्रिया की बलगतिकी अध्ययन करने पर निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। अभिक्रिया के लिए वेग नियम तथा वेग स्थिरांक ज्ञात कीजिए।

प्रयोग [A]/mol L−1 [B]/mol L−1 D के विरचन का प्रारंभिक वेग/mol L−1 min−1
I 0.1 0.1 6.0 × 10−3
II 0.3 0.2 7.2 × 10−2
III 0.3 0.4 2.88 × 10−1
IV 0.4 0.1 2.40 × 10−2

रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा को ______ निर्धारित किया जा सकता है।


चित्र पर विचार कीजिए और सही विकल्प को चिहित कीजिए।


चित्र पर विचार कीजिए। निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प चालीसवें सेकेंड पर तात्षणिक वेग नहीं दर्शाता?


रासायनिक अभिक्रियाओं के संघट्ट सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?


एक ऐसी परिस्थिति बताइए जिसमें द्विअणुक अभिक्रिया गतिक रूप से प्रथम कोटि की अभिक्रिया हो।


कॉलम I और कॉलम II में दिए कथनों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) उत्प्रेरक अभिक्रिया के वेग को (a) भिन्नात्मक अथवा शून्य नहीं हो सकती परिवर्तित कर देते हैं।
(ii) आण्विकता (b) हमेशा उपयुक्त अभिविन्यास नहीं होता।
(iii) प्रथम कोटि अभिक्रिया की द्वितीय अर्धआयु (c) सक्रियण ऊर्जा को कम करके
(iv) `"e"^(- "E"_"a"//"RT")` (d) प्रथम के समान होती है।
(v) ऊर्जा की दृष्टि से अनुकूल अभिक्रिया कभी-कभी धीमी होती है। (e) कुल प्रायिकता एक है।
(vi) मैक्सवेल बोल्ट्जमान वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल (f) सक्रियण ऊर्जा के बराबर अथवा उससे स्थिर होता है। अधिक ऊर्जा वाले अणुओं के अंश से संबंधित

तत्क्षण वेग और औसत वेग में अन्तर स्पष्ट कीजिए।


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