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Question
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
निखिले - ______
Options
परस्य
दुःखम्
आत्मानम्
बाधितः
परिवारः
सम्पन्नम्
सम्पन्नम्
सम्पूर्णे
Solution
निखिले - सम्पूर्णे
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उच्चारणं कुरुत-
दुर्भिक्षे | राष्ट्रविप्लवे | विश्वबन्धुत्वम् |
विश्वसन्ति | उपेक्षाभावाम् | विद्वेषस्य |
ध्यातव्यम् | दुःखभाक् | प्रदर्शयन्ति |
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
कुटुम्बकम् - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
अन्यस्य - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
अपहाय - ______
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
छात्राः क्रीडाक्षेत्रे कन्दुकात् क्रीडन्ति।
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
अहं पुस्तकालयेन पुस्तकानि आनयामि।
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
त्वं किं नाम?
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
गुरुं नमः।
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
पुरा - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
मानवाः - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
उदारचरितानाम् - ______
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
देशान् |
______ |
______ |
______ |
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
घृणाया: |
______ |
______ |
______ |
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
कुटुम्बकम् |
______ |
______ |
______ |
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
ज्ञानविज्ञानयोः | ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ नम:।
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ नम:।
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ उभयत: पुत्रौ स्त:।