Advertisements
Advertisements
Question
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पादः - ______
Options
पृष्ठतः
दुष्कृतम्
चरणः
नृपः
Solution
पादः - चरणः
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत
१० - ______
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
नदी = ______
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
उत्तरपदं लिखत ।
जम्बृकोऽयम् = जम्बूकः + ______
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
मित्र छिन्धि तावन्मम बन्धनम् । (लकारं लिखत ।) |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
त्वं पादान्स्तब्धीकृत्य तिष्ठ । (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत ।)
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
भुजगयमिता: | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
प्रयागक्षेत्रम् | ______ | _____ |
नामतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
______ | त्वचोः | ______ | षष्ठी |
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | धारयेथाम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
सविनयम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
अश्मखण्डः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
जपाकुसुमम् | ______ | _____ |
नामतालिकां पूरयत
ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
सवितरम् | ______ | ______ | द्वितीया |
तालिकां पूरयत
धातवः | अर्थ : | लकार: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
ज्ञा (९ उ.प.) | अवगच्छति | लट् लोट् | जानीते ______ | जानाते जानावहै |
______ जानामहै |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
जनाः न सन्तुष्टाः । (एकवचने लिखत)
धातु-तालिकां पूरयत
लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
लड् | ______ | ______ | अभवत् | प्रथमः |
धातु-तालिकां पूरयत
लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
लृट् | ______ | पश्यावः | ______ | उत्तमः |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
रावणः खड्गमुद्धृत्य पक्षौ अच्छिनत् ।
(पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हत्वा पुरीं ययौ । (लङ्लकारे परिवर्तयत ।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचको वा = ______ + वा।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रसादेन संस्कृतस्य अध्ययनं शालायां कृतम् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अपि भवती संस्कृतं पाठयति? (‘भवती’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत ।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
आ + रुह्- रोह् (१ प.प.) | ______ | आरूढवान् | ______ | आरोहन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
ज्ञा (९ उ.प.) | ज्ञात: | ज्ञातवान् | ______ | ______ |
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
एते सर्वेऽपि ______ सहभागिनः ।
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
पशुपतिः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
पन्नगभूषण: | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत ।
एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
विद्युति | ______ | ______ | सप्तमी |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्रिचत्वारिशत् - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
चतुरशीतिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८० - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
३२ -______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६८ -
लकारं लिखत ।
अह प्रसन्ना भविष्यामि ।- ______
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)