Advertisements
Advertisements
Question
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१२
Solution
१२ - द्वादश
RELATED QUESTIONS
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
सुकृतम् - ______
योग्यं पर्यायं चिनुत ।
त्वं धनुः ______।
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन् । (पूर्वकालवाचक -त्वान्त- अव्ययं निष्कासयत ।)
प्रश्रनिमांण करुत ।
प्रदोषकाले मृगमन्विष्यन् काकः कत्र उपस्थितः ।
प्रश्रनिमांण करुत ।
सः वृक्षस्य पृष्ठतः निभृतं स्थितः।
पूर्वपदं लिखत ।
मृगोऽब्रवीत् = ______ + अब्रवीत्
मञ्जूषात: उचितं शब्दं चित्वा तालिकां पूरयत
नीतिनिपुणाः | ______ | ______ | वा| |
______ | समाविशतु | ______ | वा| |
______ | अचचैव | ______ | वा| |
(निन्दन्तु, गच्छतु, युगान्तरे, मरणम्, लक्ष्मी:, स्तुवन्तु ।)
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
बकास्तत्र
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चोरलुण्ठकेभ्य: भयम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
जलव्यवस्थापनम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
नीतिनिपुणः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
शुकसारिका: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चरणविकल: | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
प्रयागक्षेत्रम् | ______ | _____ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मे आत्मा कृतार्थतां लभताम्। (लङ्लकारे वाक्यं परिवर्तयत।)
ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
______ | ______ | वर्त्मानि | प्रथमा |
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | ______ | चिन्तयामहे | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
पूजार्थम् | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
कणादमुनि: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
किञ्चिज्ज्ञः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
शिशिर ऋतुः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
हस्तस्थम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
जपाकुसुमम् | ______ | _____ |
नामतालिकां पूरयत
ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
रज्जवे | ______ | ______ | चतुर्थी |
तालिकां पूरयत
धातवः | अर्थ : | लकार: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
ग्रह (९ उ.) | स्वीकरोति | लट् | गृह्णामि | गृह्णीव: | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
वाचनेनैव ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
महिला मयि पाषाणखण्डान् अक्षिपत् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
प्रेक्षकाः मां निघृणं ताडितवन्तः । (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत ।)
नाम-तालिकापूर्ति कुरुत
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | ______ | धन्विभ्यः | पञ्चमी |
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
ददर्शायतलोचना ।
धातु-तालिकां पूरयत
लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
लृट् | गमिष्यसि | ______ | ______ | मध्यमः |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
रावणः खड्गमुद्धृत्य पक्षौ अच्छिनत् ।
(पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
मात्रे प्रतिश्रुत्य सः गृहाद् निरगच्छत् ।
(पूर्वकालकवाचकं निष्कासयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यदा त्वं स्मरिष्यसि तदा एव त्वत्समीपमागमिष्यामि। (लकारं लिखत।)
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
सद्गुणसम्पत्तिः | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
अनिच्छा | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत -
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
मातृसेवा | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
त्वं दीनं वचः मा ब्रूहि ।
(‘त्वं’ स्थाने भवान् योजयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हत्वा पुरीं ययौ । (लङ्लकारे परिवर्तयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
पदवी मया प्राप्ता ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अपि भवती संस्कृतं पाठयति? (‘भवती’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत ।)
वयं कार्यरता: स्याम ।
(लोट् लकारे परिवर्तयत ।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
लिख् (२ प. प.) | लिखितः | ______ | लेखितव्यः | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
रभ् (१ आ.प.) | रब्धः | ______ | ______ | रभमाण : |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि - ______
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
______ अवगतम् ।
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
दारपोषणरताः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
पन्नगभूषण: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
प्रतीक्षालयः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
निद्रामग्नः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
सुभाषितसद्ग्रहः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
भरतमुनिः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
अम्भोदाः | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत ।
एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
विद्युति | ______ | ______ | सप्तमी |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लद् |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
खाद् (९ प.प.) | खादितः | खादितवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
लम् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्र्यशीतिः - ______।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत ।
१६ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत ।
२३ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
१०० - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
९३ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
५२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
३८ - ______
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
भलूकवेषधारी | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
मानवताधर्मः | ______ | ______ |
लकारं लिखत ।
तत्प्रा यतस्व । - ______
लकारं लिखत ।
काकः उपादिशत् ।- ______
लकारं लिखत ।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुचत् ।
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
षटत्रिंशत् -
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्र: लेखं लिखति। (अध्यापक:) (णिजन्तं कुरुत।)
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
नाम | सर्वनाम |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)