Advertisements
Advertisements
Question
सपासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
अनिच्छा | ______ | ______ |
Solution
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
अनिच्छा | न इच्छा | नञ्तत्पुरुषः |
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
पञ्चाशीतिः - ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन् । (पूर्वकालवाचक -त्वान्त- अव्ययं निष्कासयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
मित्र छिन्धि तावन्मम बन्धनम् । (लकारं लिखत ।) |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सारथिरपि ।
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चिन्ताकुल : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
क्षेत्रपति: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
भुजगयमिता: | ______ | _____ |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
भगवत: वदनं धाम्ना राजते स्म ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मे आत्मा कृतार्थतां लभताम्। (लङ्लकारे वाक्यं परिवर्तयत।)
नामतालिकां पूरयत ।
ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
संन्यासिनि | ______ | ______ | सप्तमि |
नामतालिकां पूरयत ।
ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
______ | ______ | बलवत : | द्वितीया |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
पुस्तकपठनम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
परमाणु: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
उद्यानपालः | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
______ | दृग्भ्याम् | ______ | चतुर्थी |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
पत्रक्रीडायां मनः आसम् अहम् । (बहुवचने लिखत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ततस्सा ।
सपासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
लोकप्रियः | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अहम् अध्ययने यत्नं करोमि । (वाक्यं विधिलिङ्लकारे परिवर्तयत ।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शसेव्यःतृ / शानच् |
सेव् (१ आ. प.) | सेवितः | सेवितवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
रभ् (१ आ.प.) | रब्धः | ______ | ______ | रभमाण : |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
वद् (१ प.प.) | ______ | उदितवान् | वदनीयः | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तृणैर्गुणत्वमापनर्बध्यन्ते - ______
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
पशुपतिः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
समुद्रसुता | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
भरतमुनिः | ______ | ______ |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
______ | यच्छतः | ______ | परथमः | लट् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
______ | ______ | पूजयाम | प्रथमः | लङ् |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
खाद् (९ प.प.) | खादितः | खादितवान् | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
द्विषष्टिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६७ - ______
लकारं लिखत ।
काकः उपादिशत् ।- ______
समानार्थकशब्दान् लिखत।
गृहम् - ______।
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नव - ______
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
नाम | सर्वनाम |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - मम, राजा, सः, नदी, एतस्मिन्)
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
अल्पधी: | ______ | ______ |
सङ्ख्या अक्षरै: लिखत।
१८
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
षटत्रिंशत् -
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
नाम | सर्वनाम |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)