Advertisements
Advertisements
Question
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
मानवताधर्मः | ______ | ______ |
Solution
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
मानवताधर्मः | मानवता एव धर्मः | कर्मधारयः |
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
१४ - ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पुरतः × ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन् । (पूर्वकालवाचक -त्वान्त- अव्ययं निष्कासयत ।)
पूर्वपदं लिखत ।
मृगोऽब्रवीत् = ______ + अब्रवीत्
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
वयम् आनन्देन एकत्र निवसामः ।(लटलकारस्थाने लङ्लकार योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
मरणमस्तु ।
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चोरलुण्ठकेभ्य: भयम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
भुजगयमिता: | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
क्रियासिद्धिः | ______ | _____ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अहं विपुलं धनं प्राप्नुयाम् । (लकारं लिखत ।)
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | जीवत: | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापद्तालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
स्पृहयेत् | ______ | ______ | प्रथमः | विधिलिङ् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | ______ | चिन्तयामहे | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
पुस्तकपठनम् | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
______ | शाखिनौ | ______ | प्रथमा |
तालिकां पूरयत
धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
भुज् (७ उ.) | खादति | लट् विधिलिङ् |
______ भुञ्जीत | भुञ्जाथे भुञ्जीयाताम् |
भुङ्ग्ध्वे ______ |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
माता आर्याम्बा पुत्रस्य विवाहविषये सदैव चिन्तयति स्म।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
सः पठनार्थं गुरुमुपागच्छत् ।
(बहुवचनं कुरुत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
मात्रे प्रतिश्रुत्य सः गृहाद् निरगच्छत् ।
(पूर्वकालकवाचकं निष्कासयत ।)
सपासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
अनिच्छा | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
खगोत्तमः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत -
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
मातृसेवा | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
अरुचि: | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
त्वं दीनं वचः मा ब्रूहि ।
(‘त्वं’ स्थाने भवान् योजयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
श्लोकेषु व्यवस्थापनशास्त्रस्य मूलतत्त्वानि निर्दिष्टानि ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अहम् अध्ययने यत्नं करोमि । (वाक्यं विधिलिङ्लकारे परिवर्तयत ।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
वद् (१ प.प.) | ______ | उदितवान् | वदनीयः | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तृणैर्गुणत्वमापनर्बध्यन्ते - ______
नामतालिकां पूरयत ।
एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
______ | ______ | अम्बूनि | प्रथमा |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
एतेन | ______ | ______ | तृतीया |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत । -
षट्त्रिंशत् - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
१०० - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
९२ - ______
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
भलूकवेषधारी | ______ | ______ |
लकारं लिखत ।
मित्र छिन्धि मम बन्धनम् ।- ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नव - ______
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
बद्ध: × ______।