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Question
पहले सवैये में से उन पंक्तियों को छाँटकर लिखिए जिनमें अनुप्रास और रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है?
Solution
(1) अनुप्रास अलंकार
- कटि किंकिनि कै धुनि की मधुराई।
में 'क' वर्ण की एक से अधिक बार आवृत्ति हुई है। इसलिए यहाँ अनुप्रास अलंकार है। - साँवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई।
इस पंक्ति में 'प', 'व', 'ह' वर्ण की एक से अधिक बार आवृत्ति हुई है इसलिए यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
(2) रुपक अलंकार
- मंद हँसी मुखचंद जुन्हाई।
इस पंक्ति में श्री कृष्ण के मुख की समानता चंद्रमा से की गई है। उपमेय में उपमान का अभेद आरोप किया गया है। इसलिए यहाँ रुपक अलंकार है। - जै जग-मंदिर-दीपक-सुंदर
इस पंक्ति में संसार की समानता मंदिर से की गई है। इसके कारण उपमेय में उपमान का अभेद आरोप है इसलिए यहाँ रुपक अलंकार है।
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साँवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई
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