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संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-ऐसो हियो हित पत्र पवित्र टूक कियौ पर बाँचि न देख्यौ। - Hindi (Elective)

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Question

संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
ऐसो हियो हित पत्र पवित्र ______ टूक कियौ पर बाँचि न देख्यौ।

Answer in Brief

Solution

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियाँ अंतरा भाग-2 नामक पुस्तक में संकलित कवित्त से ली गई हैं। इसके रचयिता रीतिकाल के प्रसिद्ध कवि घनानंद है। प्रस्तुत पंक्तियों में कवि प्रेयसी के निष्ठुर हृदय का वर्णन कर रहा है। वह कवि के प्रेम को जानते हुए भी निष्ठुर बन गई है और उसे छोड़कर चली गई है।
व्याख्या- घनानंद जी कहते हैं कि मेरे पवित्र हृदय रूपी प्रेमपत्र में मैंने कभी किसी और के बारे में उल्लेख नहीं किया। ऐसी कथा आज से पहले कभी किसी और ने लिखी नहीं थी। मैं इस बात से अनजान हूँ कि आखिर क्यों सुजान ने मेरे प्रेम पत्र को खोलकर देखा भी नहीं और उस पत्र के टुकड़े-टुकड़े करके फेंक दिए। अर्थात उसने मेरे हृदय में व्याप्त प्रेम भावनाओं को समझा भी नहीं और मुझे अकेला छोड़ दिया।

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सवैया
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Chapter 1.11: घनानंद (कवित्त/सवैया) - प्रश्न-अभ्यास [Page 68]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Antara Class 12
Chapter 1.11 घनानंद (कवित्त/सवैया)
प्रश्न-अभ्यास | Q 8. (घ) | Page 68

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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

तब हार पहार से लागत हे, अब बीच में आन पहार परे।


संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
तब तौ छबि पीवत जीवत हे, ______ बिललात महा दुःख दोष भरे।


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