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Question
समाज में फैले अंधविश्वासों का उल्लेख करते हुए एक लेख लिखिए।
Solution
अंधविश्वास सदियों से चला आ रहा है। समाज में आज भी अनेक प्रकार के अंधविश्वास फैले हुए हैं। यह समाज में फैला ऐसा रोग है, जिसने समाज की नींव खोखली कर दी है। अंधविश्वास किसी जाति, समुदाय या वर्ग से संबंधित नहीं है बल्कि यह समान रूप से हर किसी के अंदर विद्यमान होता है। धार्मिक कर्ताओं, कथावाचकों की बातों पर अंधविश्वास, धार्मिक कट्टरता के कारण अन्य धर्मावलम्बियों को हानि पहुँचाना, कबीर आदि संतों के मतानुसार मूर्तिपूजा करना, मूर्तियों द्वारा दूध पिया जाना, रोना, दूषित जलाशयों के जल का आचमन करना और उनमें स्नान करना, धर्म के आधार पर अनुचित भेद-भाव बरतना, धर्म की आड़ लेकर लोगों को कष्ट पहुँचाना आदि ऐसे ही अंधविश्वास हैं। आज भी कितने ही शिक्षित लोग हैं, जो अंधविश्वास में पड़े हुए हैं। यही कारण है कि हमारी विकास की गति इतनी धीमी है। चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण के पीछे वैज्ञानिक कारणों को अनदेखा करके हम अंदर से भयभीत रहते हैं। भारतीय समाज को इसके प्रति संकुचित दृष्टिकोण रखने की अपेक्षा इसमें छिपे रहस्य को जानना चाहिए वरना हम पीछे ही रह जाएँगे।
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