English

स्पष्ट कीजिए कि 1 मोल N aCl को एक लिटर जल में मिलने पर जल के क्वथनांक में वुद्ध क्यों होती है, जबकि एक लिटर जल में एक मोल मेथिल ऐल्कोहॉल घोलने पर जल का क्थनांक कम हो जाता है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

स्पष्ट कीजिए कि 1 मोल NaCl को एक लिटर जल में मिलने पर जल के क्वथनांक में वुद्ध क्यों होती है, जबकि एक लिटर जल में एक मोल मेथिल ऐल्कोहॉल घोलने पर जल का क्थनांक कम हो जाता है।

Answer in Brief

Solution

NaCl एक अवाष्पशील विलेय है। फलत: जल में NaCl को मिलाने से जल का वाष्प दाब कम हो जाता है। परिणामस्वरूप जल का क्वथनांक बढ़ जाता है। वहीं दूसरी ओर मेथिल ऐल्कोहॉल जल की तुलना में अधिक वाष्पशील है। अतः इसे मिलाने से विलयन के ऊपर कुल वाष्प दाब बढ़ जाता है अत: जल का क्वथनांक कम हो जाता है।

shaalaa.com
अनुसंख्य गुणधर्म और आण्विक द्रव्यमान की गणना
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2: विलयन - अभ्यास [Page 26]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 2 विलयन
अभ्यास | Q III. 37. | Page 26

RELATED QUESTIONS

शक्कर के 5% (द्रव्यमान) जलीय विलयन का हिमांक 271 K है। यदि शुद्ध जल का हिमांक 273.15 K है तो ग्लूकोस के 5% जलीय विलयन के हिमांक की गणना कीजिए।


दिए गए ताप पर एक सांद्र विलयन के परासरण दाब की तुलना ______।


चित्र को देखकर सही विकल्प को चुनिए।


दो द्रव A और B एक विशिष्ट संघटन में न्यूनतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी बनाते हैं तब ______।


समपरासरी विलयनों में ______।

  1. विलेय और विलायक वही होते हैं।
  2. परासरण दाब समान होता है।
  3. विलेय और विलायक वही हो भी सकते हैं और नहीं भी।
  4. विलेय हमेशा एक ही होता है विलायक अलग हो सकता है।

जलीय जीव, गरम जल की तुलना में ठंडे जल में अधिक सहज क्यों महसूस करते है?


पर्वतीय क्षेत्रों में हिम आच्छादित सड़कों को साफ करने में नमक का छिड़काव किस प्रकार सहायता करता है। इस प्रक्रिया से संबंधित परिघटना की व्याख्या कीजिए।


'अर्धपारगम्य झिल्ली' क्या होती है?


आप अंडे की अर्धपारगम्य झिल्ली को हानि पहुँचाए बिना इस पर से कैल्सियम कार्बोनेट की कठोर सतह को कैसे हटा सकते हैं? क्या इस अंडे की आकृति को बदले बिना इसे एक संकरे मुँह वाली बोतल में प्रवेशित किया जा सकता है? इसमें सम्मिलित प्रक्रिया को समझाइए।


वान्टहॉफ कारक की सहायता से समझाइए कि अणुसंख्यक गुण मापन विधि द्वारा कुछ विलेयों के लिए निर्धारित द्रव्यमान असामान्य क्यों होता है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×