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Question
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
'उपहार देना प्यार जताने और सम्मान करने का परिचायक है वर्तमान में उपहार का स्वरूप प्यार कम, व्यापार अधिक हो गया है।' - इस कथन के पक्ष अथवा विपक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत कीजिए।
Solution
उपहार देना एक ऐसी परंपरा है जो हमारे जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों को और भी खास बना देती है। उपहार के माध्यम से हम अपने प्रियजनों के प्रति प्रेम, स्नेह और सम्मान प्रकट करते हैं। लेकिन आज के समय में उपहार देने का स्वरूप काफी बदल गया है। यह कहना उचित होगा कि उपहार देना अब प्यार का प्रतीक कम और व्यापार का साधन अधिक बन गया है। इस कथन के पक्ष और विपक्ष में तर्क प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
पक्ष में तर्क:
आजकल उपहार देना एक व्यवसाय बन गया है। लोग विशेष अवसरों पर महंगे और ब्रांडेड उपहार देकर अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और स्टेटस को दर्शाते हैं। यह उपहार देने के पीछे का असली मकसद कहीं खो सा गया है। व्यापारी इस अवसर का लाभ उठाकर विभिन्न प्रकार के उपहारों का व्यवसाय करते हैं और इसमें भारी मुनाफा कमाते हैं। उपहार देने की इस दौड़ में लोग अपने भावनाओं और स्नेह को भूल जाते हैं और महंगे उपहार देकर दूसरों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। इससे उपहार का असली महत्व समाप्त हो जाता है और यह केवल एक औपचारिकता बनकर रह जाता है।
इसके अलावा, उपहार देने में प्रतिस्पर्धा और दिखावे का प्रचलन बढ़ गया है। लोग महंगे उपहार देकर अपनी आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रदर्शित करते हैं। इस प्रतिस्पर्धा में उपहार का असली मकसद, जो कि प्यार और स्नेह जताना होता है, कहीं खो जाता है। उपहारों का यह व्यापारीकरण लोगों को अधिक खर्च करने के लिए प्रेरित करता है और सच्चे भावनाओं को छिपा देता है।
विपक्ष में तर्क:
उपहार देना अब भी प्यार और सम्मान का प्रतीक है। यह एक माध्यम है जिससे हम अपने प्रियजनों को यह महसूस कराते हैं कि वे हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। उपहार के माध्यम से हम अपने स्नेह और सम्मान को व्यक्त करते हैं और रिश्तों को मजबूत बनाते हैं। यह परंपरा हमारे समाज और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विभिन्न त्योहारों, समारोहों और विशेष अवसरों पर उपहार देना हमारे सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को प्रकट करता है और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाता है।
एक अच्छा उपहार देने के लिए हमें समय और ध्यान देना पड़ता है। यह प्रक्रिया खुद में ही स्नेह और सम्मान का परिचायक है। उपहार के चयन में दिया गया ध्यान और परिश्रम हमारे सच्चे भावनाओं को दर्शाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि उपहार देना अभी भी प्यार और स्नेह का प्रतीक है और इसका व्यापारिक रूप केवल एक बाहरी परत है, जिसके पीछे सच्चे भावनाएँ छिपी होती हैं।
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