English

यदि परिपथ को 110 V, 12 kHz आपूर्ति से जोड़ा जाए तो प्रश्न 7.15 (a) व (b) का उत्तर निकालिए। इससे इस कथन की व्याख्या कीजिए कि अति उच्च आवृत्तियों पर एक संधारित्र चालक होता है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

यदि परिपथ को 110 V, 12 kHz आपूर्ति से जोड़ा जाए तो प्रश्न 7.15 (a) व (b) का उत्तर निकालिए। इससे इस कथन की व्याख्या कीजिए कि अति उच्च आवृत्तियों पर एक संधारित्र चालक होता है। इसकी तुलना उस व्यवहार से कीजिए जो किसी dc परिपथ में एक संधारित्र प्रदर्शित करता है।

Numerical

Solution

दिया है, R = 40 Ω, C = 100 × 10-6 F, Vrms = 110 V, v = 12 × 103 Hz

(a) संधारित का प्रतिघात 

`"X"_"C" = 1/(2 pi "v C") = 1/(2 xx 3.14 xx 12 xx 10^3 xx 100 xx 10^-6)`

= 0.133 Ω

∴ Z = `sqrt(["R"^2 + "X"_"C"^2]) = sqrt([(40)^2 + (0.133)^2])`

∴ महत्तम धारा `"i"_0 = ("V"_"rms" sqrt2)/"Z" = (110 sqrt2)/40.0` = 3.88 A

(b) `tan phi = - "X"_"C"/"R" = - 0.133/40 = - 3.3 xx 10^-3` 

`=> |phi| = tan^-1 (0.0033) = 0.18^circ`

भाग (a) के उत्तर से हम निष्कर्ष निकाल सकते है कि अति उच्च आवृत्ति की धारा के लिए संधारित्र का प्रतिघात नगण्य होता है अर्थात यह एक शुद्ध चालक की भाँति व्यवहार करता है। 

स्थायी दिष्ट धारा हेतु v = 0; अतः

धारितीय प्रतिघात `"X"_"L" = 1/(2pi "vC") = oo`

इस दिष्ट धारा के लिए संधारित्र खुले परिपथ की भाँति व्यवहार करता है। 

shaalaa.com
संधारित्र पर प्रयुक्त AC वोल्टता
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 7: प्रत्यावर्ती धारा - अभ्यास [Page 267]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 12
Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा
अभ्यास | Q 7.16 | Page 267

RELATED QUESTIONS

कल्पना कीजिए कि प्रश्न 7 में संधारित्र पर प्रारम्भिक आवेश 6 mC है। प्रारम्भ में परिपथ में कुल कितनी ऊर्जा संचित होती है? बाद में कुल ऊर्जा कितनी होगी?


एक रेडियो को MW प्रसारण बैण्ड के एक खण्ड के आवृत्ति परास के एक ओर से दूसरी ओर (800 kHz से 1200 kHz) तक समस्वरित किया जा सकता है। यदि इसके LC परिपथ का प्रभावकारी प्रेरकत्व 200 µH हो तो उसके परिवर्ती संधारित्र की परास कितनी होनी चाहिए?

[संकेत : समस्वरित करने के लिए मूल आवृत्ति अर्थात् LC परिपथ के मुक्त दोलनों की आवृत्ति रेडियो तरंग की आवृत्ति के समान होनी चाहिए]


40 Ω प्रतिरोध के श्रेणीक्रम में एक 100 μF के संधारित्र को 110 V, 60 Hz की आपूर्ति से जोड़ा गया है।

  1. परिपथ में अधिकतम धारा कितनी है?
  2. धारा शीर्ष व वोल्टेज शीर्ष के बीच समय-पश्चता कितनी है?

एक परिपथ को जिसमें 80 mH का एक प्रेरक तथा 60 µF का संधारित्र श्रेणीक्रम में है, 230V, 50 Hz की आपूर्ति से जोड़ा गया है। परिपथ का प्रतिरोध नगण्य है।

  1. धारा का आयाम तथा rms मानों को निकालिए।
  2. हर अवयव के सिरों पर विभवपात के rms मानों को निकालिए।
  3. प्रेरक में स्थानान्तरित माध्य शक्ति कितनी है?
  4. संधारित्र में स्थानान्तरित माध्य शक्ति कितनी है?
  5. परिपथ द्वारा अवशोषित कुल माध्य शक्ति कितनी है?
    [‘माध्य में यह समाविष्ट है कि इसे पूरे चक्र के लिए लिया गया है।]

एक प्रयुक्त वोल्टता संकेत एक dc वोल्टता तथा उच्च आवृत्ति के एक ac वोल्टता के अध्यारोपण से निर्मित है। परिपथ एक श्रेणीबद्ध प्रेरक तथा संधारित्र से निर्मित है। दर्शाइए कि dc संकेत C तथा ac संकेत L के सिरे पर प्रकट होगा।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×